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बीरभूम में छापे से हड़कंप: पूर्व बस चालक के घर से 28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पूर्व बस चालक मीनार मंडल के घर छापेमारी में 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद। पुलिस ने आरोपी और उसके बेटे को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी।

बीरभूम में छापे से हड़कंप: पूर्व बस चालक के घर से 28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद
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कोलकाता।पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया। अवैध खनन और आर्थिक अनियमितताओं की जांच के दौरान एक पूर्व सरकारी बस चालक के घर पर छापेमारी में करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोना बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घर से करीब 28 करोड़ रुपये नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया। नकदी इतनी अधिक थी कि उसे गिनने के लिए पांच नोट गिनने वाली मशीनों का सहारा लेना पड़ा, जो लगातार इस्तेमाल के दौरान बीच-बीच में बंद पड़ गईं।

35 बोरियों में भरे मिले नोट, पुलिस भी रह गई हैरान

पुलिस जब बीरभूम के देवचा गांव स्थित दो मंजिला मकान में पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। कमरों में बोरियों और थैलों में बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई थी। बताया गया कि बरामद नोटों को गिनने के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी और कई घंटों तक गिनती का काम चलता रहा।

जांच अधिकारियों के अनुसार, बरामद नकदी और सोने को सुरक्षित तरीके से जब्त करने के लिए लोहे के बड़े बक्सों का इंतजाम किया गया। इसके बाद पूरी बरामदगी को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

15 किलो सोने में छड़ें और बिस्किट भी शामिल

पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान एक-एक किलोग्राम वजन की 14 सोने की छड़ें और 100-100 ग्राम के 10 सोने के बिस्किट बरामद किए गए। बरामद सोने का बाजार मूल्य करीब 21.5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। नकदी और सोने की कुल कीमत कई दर्जन करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि जब्त संपत्ति के स्रोत की जांच की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।

पूर्व बस चालक से खनन कारोबारी बनने तक का सफर

जांच में सामने आया है कि आरोपी मीनार मंडल उर्फ टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन पहले नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NBSTC) में बस चालक के रूप में कार्यरत था। कुछ वर्षों पहले उसने नौकरी छोड़ दी और बाद में पत्थर एवं रेत से जुड़े कारोबार में सक्रिय हो गया।

पुलिस का कहना है कि बीरभूम में अवैध खनन और राजस्व चोरी के मामलों की जांच के दौरान उसका नाम लगातार सामने आ रहा था। इसी आधार पर उसके ठिकानों पर कार्रवाई की गई।

पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रह चुका है आरोपी

मीनार मंडल का नाम इससे पहले कथित मवेशी तस्करी मामले की जांच के दौरान भी सामने आया था। वर्ष 2022 में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उसके कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसे पूछताछ के लिए तलब किया था।

इसी अवधि में एक हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद वह लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आया।

पुलिस हिरासत में आरोपी और बेटे से पूछताछ

ताजा कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मीनार मंडल और उसके बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य स्थानों पर भी नकदी या अवैध संपत्ति छिपाकर रखी गई है।

राज्य पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, आर्थिक अपराध और राजस्व चोरी से जुड़े मामलों में अभियान आगे भी जारी रहेगा। बरामद नकदी, सोने और अन्य दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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