मुंबई में बड़ा हादसा; मेट्रो पिलर का हिस्सा टूटकर गिरने से एक की मौत, तीन अन्य घायल
मुंबई में बड़ा हादसा हुआ है। मेट्रो के पिलर का हिस्सा टूटकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य घायल हो गए। यह हादसा मुलुंड पश्चिम के एलबीएस रोड पर हुआ। निर्माण के दौरान मेट्रो के पिलर का एक हिस्सा कुछ वाहनों पर गिर पड़ा।

मुंबई। मुंबई में बड़ा हादसा हुआ है। मेट्रो के पिलर का हिस्सा टूटकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य घायल हो गए। यह हादसा मुलुंड पश्चिम के एलबीएस रोड पर हुआ। निर्माण के दौरान मेट्रो के पिलर का एक हिस्सा ऑटो रिक्शा और एक कार पर गिर पड़ा। इसके चलते दोनों वाहनों को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है।
घटनास्थल पर मौजूद एक फायर ब्रिगेड अधिकारी के मुताबिक मरने वाले की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रुहिया हैं। राजकुमार की हालत काफी गंभीर है। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आईसीयू में हैं। वहीं, महेंद्र और रुहिया की हालत स्थिर है।
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी घटना को लेकर बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि मेट्रो लाइन निर्माण के पास मुलुंड फायर स्टेशन के पास पियर 196 के पास पिलर का एक हिस्सा सवा बारह बजे वहां से गुजरते ऑटो रिक्शा पर गिर गया। बयान के मुताबिक मेट्रो प्रोजेक्ट टीम मौके पर है और बीएमसी और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ मिलकर राहत कार्य और घटनास्थल की सुरक्षा में जुटी है। साथ ही हादसे के सटीक कारणों के बारे में पता लगाने के लिए जांच भी चल रही है।
लाइन 4 दक्षिण-मध्य मुंबई में वडाला से पड़ोसी ठाणे तक एक निर्माणाधीन मेट्रो रूट है। इसमें घाटकोपर, विक्रोली, भांडुप, मुलुंड आदि जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक बड़ा खंड एलबीएस रोड के ऊपर से गुजरता है।
इस बीच, कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की और सवाल किया कि क्या मुंबई के निवासियों का जीवन इतना सस्ता हो गया है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अधिकारी सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की तुलना में प्रचार पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे थे। लोकसभा सदस्य ने अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की और साइट पर कथित सुरक्षा उपायों में चुकों को लेकर चिंता जताई, खासकर इस क्षेत्र में भारी यातायात को देखते हुए।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या मेट्रो निर्माण को तेजी से पूरा करने के दबाव में गुणवत्ता और तकनीकी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, और कहा कि ऐसे घटनाओं के बाद लगातार जांच की घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं।


