बंगाल में सरकारी जमीन पर बने भाजपा कार्यालय का हिस्सा पार्टी ने खुद गिराया
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकारी जमीन पर बने अपने पार्टी कार्यालय के अवैध हिस्से को स्वयं हटाकर कानून पालन की मिसाल पेश की। प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान के बीच यह कदम चर्चा का विषय बन गया है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच उत्तर दिनाजपुर जिले के हेमताबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया है।
आमतौर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध, प्रदर्शन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग रही। यहां भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकारी जमीन पर बने अपने पार्टी कार्यालय के हिस्से को प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही स्वयं ध्वस्त कर दिया।
बीडीओ के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, हेमताबाद के ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) बिस्वजीत दत्ता ने क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद प्रशासन ने राज्य राजमार्ग के किनारे स्थित विभिन्न निर्माणों की मापी शुरू की।
जांच के दौरान पता चला कि शालबागान इलाके में स्थित भाजपा के ब्लॉक कार्यालय का बरामदा सरकारी जमीन की सीमा के भीतर आ रहा था। प्रशासनिक रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने किसी विवाद या टकराव की स्थिति पैदा करने के बजाय स्वयं कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
हथौड़े और मशीनों के साथ पहुंचे कार्यकर्ता
भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष बिप्लव सरकार की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे और अवैध हिस्से को हटाने का काम शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने हथौड़ों और अन्य उपकरणों की मदद से बरामदे को तोड़ दिया। कुछ ही घंटों में सरकारी जमीन को पूरी तरह खाली कर दिया गया।
प्रशासन के निर्देशों के अनुसार कालियागंज और दक्षिण दिनाजपुर को जोड़ने वाले राज्य राजमार्ग के दोनों ओर 15 फीट के दायरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों को हटाना अनिवार्य किया गया है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
भाजपा ने बताया कानून के प्रति सम्मान
भाजपा नेता बिप्लव सरकार ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण और आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। चूंकि पार्टी कार्यालय का एक हिस्सा भी निर्धारित क्षेत्र के भीतर था, इसलिए कानून का सम्मान करते हुए उसे स्वयं हटा दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को उन छोटे दुकानदारों के पुनर्वास पर ध्यान देना चाहिए, जिनकी आजीविका इस अभियान से प्रभावित हो सकती है। भाजपा ने उम्मीद जताई कि प्रभावित व्यापारियों के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।
दुकानदारों ने भी दिखाई जिम्मेदारी
भाजपा कार्यकर्ताओं की इस पहल का असर स्थानीय व्यापारियों पर भी देखने को मिला। रायगंज-बालुरघाट राज्य राजमार्ग के किनारे स्थित कई दुकानदारों ने प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय स्वयं अपने अवैध काउंटर, शेड और अन्य अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए।
बीडीओ बिस्वजीत दत्ता ने बताया कि यह अभियान पहले से तय योजना के तहत चलाया जा रहा है। प्रशासन कई दिनों से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा था और नोटिस भी जारी किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बेदखली अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है और भविष्य में सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हेमताबाद की यह घटना प्रशासनिक नियमों के पालन और राजनीतिक जिम्मेदारी के एक अनोखे उदाहरण के रूप में देखी जा रही है, जिसकी स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है।


