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पश्चिम बंगाल में बरुईपुर दुष्कर्म-हत्या केस का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, 12 साल की बच्ची से की थी दरिंदगी

बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। 11 वर्षीय बच्ची केस का मुख्य संदिग्ध मुठभेड़ में ढेर, कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार, पुलिस की भूमिका की भी जांच जारी।

पश्चिम बंगाल में बरुईपुर दुष्कर्म-हत्या केस का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, 12 साल की बच्ची से की थी दरिंदगी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मुख्य संदिग्ध को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को घटना से जुड़े साक्ष्यों की बरामदगी के लिए एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया था, जहां उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस जघन्य वारदात के बाद पूरे बारुईपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का गुस्सा देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किए। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा

घटना के बाद राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को त्वरित और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की लगातार निगरानी की और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठकों में जांच की प्रगति पर चर्चा की गई और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मामले की विवेचना पूरी पारदर्शिता के साथ हो।

पहले ही तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस पहले आनंद सरदार, प्रभास मंडल और दिवाकर सरदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया आरोपी भी इस मामले में प्रमुख संदिग्धों में शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

बच्ची का शव मिलने के बाद भड़का था जनाक्रोश

जानकारी के अनुसार, बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी। अगले दिन उसका शव रेलवे लाइन के पास एक तालाब के निकट बरामद हुआ। इस घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। इसी दौरान भीड़ द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला भी दर्ज हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।

पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बावजूद शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त तेज नहीं थी। इन आरोपों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म-हत्या की जांच के साथ-साथ प्रारंभिक कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी अलग से जांच की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


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