बांकीपुर उपचुनाव के बाद पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार, साथ रहे ललन सिंह और संजय झा; सियासी चर्चाएं तेज
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक में ललन सिंह और संजय झा भी मौजूद रहे। जानिए पूरी राजनीतिक पृष्ठभूमि।

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद नई हलचल देखने को मिली है। उपचुनाव में भाजपा को अप्रत्याशित हार मिलने के एक दिन बाद जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे।
हालांकि जदयू की ओर से इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों के तुरंत बाद हुई यह बैठक राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं का विषय बन गई है। विपक्षी दल इस मुलाकात को चुनावी समीक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि एनडीए के नेताओं ने किसी भी राजनीतिक अटकल को खारिज किया है।
बांकीपुर की हार के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार के बीच बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति तथा बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर भी चर्चा हुई। हालांकि इस संबंध में भाजपा या जदयू की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। लेकिन इस बार हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को बड़े अंतर से हराकर सभी को चौंका दिया। प्रशांत किशोर ने करीब 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जिससे बिहार की राजनीति में नए समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है।
भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती थी सीट
बांकीपुर सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। नितिन नवीन लगातार पांच बार इस सीट से विधायक चुने गए थे। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया, जिसके चलते उन्होंने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और उपचुनाव की नौबत आई।
इस चुनाव में एनडीए ने पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा के साथ जदयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रचार किया। खुद नीतीश कुमार ने भी भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मतदाताओं से वोट देने की अपील वाला वीडियो जारी किया था।
नीतीश के वीडियो पर भी हुआ था विवाद
चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार के समर्थन वाले वीडियो को लेकर भी विवाद हुआ था। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। इसके बाद जदयू नेताओं ने इस बयान का विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की पहल की थी।
क्या रहे उपचुनाव के नतीजे
30 जुलाई को हुए मतदान के बाद 3 अगस्त को मतगणना हुई। परिणामों में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा 44,827 मतों पर सिमट गए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 14,273 वोट प्राप्त हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर जैसे प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की हार आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार की मुलाकात को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।


