नहीं रहीं दिग्गज गायिका आशा भोसले; 92 वर्ष की आयु में दुनिया को कहा अलविदा
Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। कल शनिवार को अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुंबई। मशहूर सिंगर आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं। 92 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है। रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें शनिवार शाम को यहां भर्ती किया गया था। तब खबर आई थी कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ है, साथ ही चेस्ट में भी कुछ समस्या थी।
वहीं उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। खबर आते ही सोशल मीडिया पर शोक की लहर है। वहीं फैंस और सेलेब्स सोशल मीडिया के जरिए रिएक्शन देते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि निधन से कुछ घंटे पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज गायिका के स्वस्थ होने की कामना की थी। उन्होंने एक्स पर लिखा, ''यह सुनकर चिंता में हूं कि आशा भोसले जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अच्छे स्वास्थ्य और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।''
सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में कराया गया था भर्ती
शनिवार को आशा भोसले के तबीयत बिगड़ने की खबर आई। गायिका की पोती जनाई भोसले ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उनका हेल्थ अपडेट साझा करते हुए लिखा था, ‘अत्यधिक थकावट और सीने में संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमारी निजता का सम्मान करें। उनका इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा'। गायिका की तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल के बाहर फैंस की भीड़ जमा होने लगी। साथ ही आशा भोसले के आवास के बाहर भी लोग एकत्र होने लगे। सभी को आस थी कि गायिका स्वस्थ होकर लौटेंगी, मगर फैंस की यह उम्मीद टूट गई।
सोमवार होगा अंतिम संस्कार
आशा भोसले का अंतिम संस्कार कल सोमवार को होगा। गायिका का पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे लोअर परेल में उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यही वही जगह है, जहां उनकी बहन लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार हुआ था।
मराठी फिल्म में गाया था पहला गाना
8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी फैमिली पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गई। बड़ी बहन लता मंगेशकर के पद्चिन्हों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं। आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म 'माझा बाल' (1943) में ‘चला चला नाव वाला’ गाया था। जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना ‘चुनरिया (1948)’ फिल्म में ‘सावन आया’ था। यहां से शुरू हुआ संगीत और गीतों का सफर पांच दशक से ज्यादा समय तक चला और आशा भोसले देखते-देखते भारतीय संगीत की दिग्गजों में शामिल हो गईं।
20 भाषाओं में गए 12 हजार गाने
आशा भोसले ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक बेहतरीन गीत गाए। हिंदी के अलावा वह कुल 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गा चुकी हैं। साल 2006 में खुद आशा भोसले ने बताया था कि उन्होंने 12 हजार गाने गाए हैं। आशा भोसले ने बॉलीवुड में नामी संगीतकारों संग किया काम है। इस लिस्ट में शंकर-जयकिशन, सचिन देव बर्मन, आरडी बर्मन, ओपी नायर, इलैयराजा, बप्पी लहरी और ए.आर रहमान जैसे नाम शामिल हैं।
संगीत से जुड़े परिवार में हुआ जन्म
8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल गायक थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी फैमिली पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गई। बड़ी बहन लता मंगेशकर के पद्चिन्हों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं। दोनों बहनों ने परिवार चलाने के लिए फिल्मों में गाना शुरू किया। आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म 'माझा बाल' (1943) में ‘चला चला नाव वाला’ गाया था। जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना ‘चुनरिया (1948)’ फिल्म में ‘सावन आया’ था। यहां से शुरू हुआ संगीत और गीतों का सफर पांच दशक से ज्यादा समय तक चला और आशा भोसले देखते-देखते भारतीय संगीत की दिग्गजों में शामिल हो गईं।
16 साल की उम्र में बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी से की शादी
आशा भोसले का करियर अभी ढंग से शुरू ही हुआ था कि सिर्फ 16 साल की उम्र में ही उन्होंने बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से शादी कर ली। गणपत राव आशा से लगभग 20 साल बड़े थे। इस रिश्ते को लता मंगेशकर और उनके परिवार ने स्वीकार नहीं किया। इस वजह से आशा और लता मंगेशकर के रिश्ते में दूरी भी आई, जो एक लंबे वक्त तक बनी रही। लेकिन आशा भोसले ने अपनी बहन और परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्यार को चुना।
एक पुराने इंटरव्यू में आशा भोसले ने अपनी शादी के बारे में कहा था, ‘पति का परिवार रूढ़िवादी था, वह एक सिंगिंग स्टार को स्वीकार नहीं कर सका। जब मैं अपने छोटे बेटे आनंद को जन्म देने वाली थी तो परिवार ने मायके वापस लौट जाने को कहा।’ हालांकि, आशा भोसले और गणपत राव की शादी ज्यादा वक्त तक नहीं टिक सकी। 11 साल बाद दोनों अलग हो गए। गणपत राव से आशा भोसले को तीन बच्चे हुए।
छह साल छोटे आरडी बर्मन से की दूसरी शादी
गणपत राव से अलग होने और पहली शादी टूटने के बाद आशा भोसले की जिंदगी में फिर से प्यार की बहार आई। इस बार उन्हें दिग्गज संगीतकार आरडी बर्मन (पंचम दा) में अपना प्यार मिला। हालांकि, आशा की ये प्रेम कहानी भी आसान नहीं थी, क्योंकि आरडी बर्मन उनसे लगभग छह साल छोटे थे। इसीलिए जब 47 साल की आशा भोसले ने आरडी बर्मन से शादी करने की बात रखी, तो पंचम दा की मां इस बात के लिए नहीं मानीं।
जब पंचम दा ने अपनी मां को आशा से शादी के बारे में बताया, तो उन्होंने साफ कह दिया कि 'यह शादी मेरी लाश पर होगी।' विरोध की वजह थी आशा भोसले आरडी बर्मन से 6 साल बड़ी थीं और तीन बच्चों की मां थीं। हालांकि, बाद में 1980 में दोनों की शादी हुई और इस जोड़ी ने संगीत की दुनिया को कई यादगार नगमे तोहफे में दिए। दोनों की शादी 1994 में आरडी बर्मन के दुनिया से अलविदा कहने तक चली।


