अरविंद केजरीवाल का दावा- Meta ने बंद किया इंस्टाग्राम अकाउंट, बोले- पीएम मोदी के आगे इतना मत झुको
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि Meta ने उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में बंद कर दिया है। उन्होंने Meta पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। E20 पेट्रोल विवाद और PM आवास मार्च को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

एक्स पर पोस्ट कर Meta पर लगाए आरोप
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने लिखा कि Meta की ओर से अकाउंट बंद किए जाने की सूचना तो दी गई, लेकिन इसके पीछे का कारण नहीं बताया गया।
उन्होंने पोस्ट में कहा, “आपने मेरा अकाउंट क्यों बंद किया? कई ईमेल भेजने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। यह बेहद निराशाजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे इतना भी मत झुको कि एक दिन भारत में सिर्फ उनका ही अकाउंट चलाने की इजाजत रह जाए।”
ई-20 पेट्रोल को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर
पिछले कुछ दिनों से अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार बिना पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन और सार्वजनिक चर्चा के इस ईंधन को बढ़ावा दे रही है।
केजरीवाल ने हाल ही में दावा किया था कि सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें E20 ईंधन को लेकर कुछ तकनीकी चिंताएं जताई गई थीं। उनका आरोप है कि सरकार ने इस रिपोर्ट को वापस लेने का दबाव बनाया। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार या SIAM की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पीएम आवास मार्च के दौरान भी जताया था विरोध
ई-20 नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी ने हाल ही में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने का प्रयास किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए फिरोजशाह रोड पर ही मार्च रोक दिया था।
उस दौरान अरविंद केजरीवाल और पार्टी के कई नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने दावा किया था कि वे लाखों लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपना चाहते थे। साथ ही उन्होंने मांग की थी कि लोगों को E20 और सामान्य पेट्रोल, दोनों का विकल्प मिले तथा E20 ईंधन की कीमत कम रखी जाए।
सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस तेज
केजरीवाल के इंस्टाग्राम अकाउंट बंद होने के दावे के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं, जबकि विरोधी दल इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रख रहे हैं। फिलहाल Meta की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।


