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'यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं'; सीजेपी आंदोलन खत्म होने पर अन्ना हजारे बोले- हर विवाद का समाधान बातचीत

CJP आंदोलन समाप्त होने के बाद अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर विवाद का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण आंदोलन से निकलता है। उन्होंने सरकार और जनता के बीच संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं; सीजेपी आंदोलन खत्म होने पर अन्ना हजारे बोले- हर विवाद का समाधान बातचीत
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मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा अपना आंदोलन समाप्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकतंत्र और संवाद की अहमियत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की शिकायतों का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से होना चाहिए, न कि टकराव और हिंसा के जरिए। अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है और सरकार तथा जनता दोनों को इसी मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।

'लोकतंत्र में संवाद सबसे बड़ा माध्यम'

89 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और आंदोलनकारी आपस में बैठकर बातचीत करें तो अधिकांश विवादों का हल निकल सकता है। उनके अनुसार, तनाव और टकराव केवल समाधान की प्रक्रिया को लंबा करते हैं, जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही सबसे मजबूत माध्यम होता है।

उन्होंने कहा, "यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं। जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए और समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।"

22 बार भूख हड़ताल, 10 कानूनों में बदलाव का किया जिक्र

अन्ना हजारे ने अपने सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। उन्होंने बताया कि अपने जीवन में 22 बार भूख हड़ताल की और शांतिपूर्ण जनआंदोलनों के माध्यम से 10 महत्वपूर्ण कानूनों में बदलाव कराने में सफलता हासिल की।

उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और अहिंसक आंदोलन समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उनके मुताबिक, किसी भी व्यक्ति या संगठन को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे केवल तनाव बढ़ता है।

सरकार को जनता की बात सुननी चाहिए

अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने और जनहित में निर्णय ले। उन्होंने कहा कि यदि जनता किसी मुद्दे को लेकर आवाज उठा रही है तो सरकार को संवेदनशीलता के साथ उस पर विचार करना चाहिए। उनका मानना है कि लोकतंत्र में सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है।

CJP ने वापस लिया आंदोलन

शनिवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच संविधान क्लब में हुई बैठक के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार से हुई बातचीत सकारात्मक रही और संगठन सद्भावना के साथ विरोध प्रदर्शन समाप्त कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बातचीत के दौरान किए गए आश्वासनों को तय समय सीमा में पूरा करेगी।

दिल्ली में सामान्य स्थिति बहाल होने लगी

आंदोलन समाप्त होने के बाद राजधानी दिल्ली में हालात सामान्य होने लगे हैं। जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं और सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किए गए कई मेट्रो स्टेशन भी दोबारा खोल दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि शहर में यातायात और सार्वजनिक सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।


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