Top
Begin typing your search above and press return to search.

अनंतनाग में एक घंटे में दो बार बादल फटने से तबाही, पहलगाम में बाढ़; प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक घंटे के भीतर दो बार बादल फटने से पहलगाम और शांगस में बाढ़ जैसे हालात बने। होटलों व घरों में पानी घुसा, राहत कार्य जारी और प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।

अनंतनाग में एक घंटे में दो बार बादल फटने से तबाही, पहलगाम में बाढ़; प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
X
कश्मीरकश्मीर के अनंतनाग जिले में लगातार बारिश के बीच एक घंटे के भीतर बादल फटने की दो घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। पहलगाम और शांगस क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से घरों, होटलों और खेतों में पानी व मलबा भर गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

पहला बादल फटना: खेतों और बागों को भारी नुकसान

पहली घटना शांगस के चटरगुल के ऊपरी पहाड़ी इलाके में हुई। बादल फटने के बाद आरिपथ नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पानी अपने साथ पत्थर, कीचड़ तथा पेड़ों का मलबा बहाकर लाया। इससे आसपास के खेतों और सेब के बागों को भारी क्षति पहुंची। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया।

दूसरी घटना से पहलगाम में बाढ़ जैसे हालात

पहली घटना के लगभग एक घंटे बाद पहलगाम के ओवेरा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में दूसरा बादल फट गया। ओवेरा नाले में उफान आने से पानी कई होटलों, रिसॉर्टों और आवासीय भवनों में घुस गया। अचानक आई बाढ़ से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया

जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव दलों को तैनात किया। नालों के किनारे स्थित होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। भूस्खलन से अवरुद्ध मार्गों को खोलने और मलबा हटाने का कार्य जारी है। यातायात भी कई स्थानों पर प्रभावित हुआ है।

अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने कश्मीर घाटी में आगामी 24 घंटे तक तेज बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को नदियों और नालों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच यह घटना पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it