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बंगाल दौरे पर अमित शाह का सीमा सुरक्षा पर फोकस, BSF चौकी पहुंचे; ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर हाईलेवल बैठक

पश्चिम बंगाल दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी स्थित BSF चौकी का दौरा कर भारत-बांग्लादेश सीमा और ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा की समीक्षा की। IB, BSF और NIA अधिकारियों के साथ हुई हाईलेवल बैठक।

बंगाल दौरे पर अमित शाह का सीमा सुरक्षा पर फोकस, BSF चौकी पहुंचे; ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर हाईलेवल बैठक
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कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे का दूसरा दिन सीमा सुरक्षा और रणनीतिक तैयारियों के नाम रहा। तीन दिवसीय दौरे पर राज्य पहुंचे शाह ने शनिवार को सिलीगुड़ी के बाहरी इलाके में स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 18वीं बटालियन चौकी का दौरा कर भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत की और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।

गृह मंत्री का यह दौरा राज्य में सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘प्रहरी सम्मेलन’ में बीएसएफ जवानों को संबोधित किया, पौधरोपण अभियान में भाग लिया तथा सीमा सुरक्षा से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

सीमा सुरक्षा पर हुई उच्चस्तरीय बैठक

सूत्रों के अनुसार, बीएसएफ परिसर में आयोजित बैठक में राज्य और केंद्र की कई प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, बीएसएफ के महानिदेशक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक, राज्य पुलिस महानिदेशक, उत्तर बंगाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा खुफिया ब्यूरो (IB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी, घुसपैठ रोकने के उपाय, अंतर-एजेंसी समन्वय और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

‘चिकन नेक’ कॉरिडोर पर विशेष नजर

गृह मंत्री की समीक्षा बैठक का प्रमुख केंद्र सिलीगुड़ी कॉरिडोर रहा, जिसे देश की सुरक्षा व्यवस्था में ‘चिकन नेक’ के नाम से जाना जाता है। करीब 17 से 22 किलोमीटर चौड़ी यह भूमि-पट्टी पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र स्थलीय मार्ग है।

इस रणनीतिक क्षेत्र के उत्तर में नेपाल, दक्षिण में बांग्लादेश और उत्तर-पूर्व में भूटान स्थित है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस कॉरिडोर की सुरक्षा राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सीमा बाड़बंदी और आधारभूत ढांचे पर चर्चा

बैठक में सीमा बाड़बंदी, सड़क संपर्क और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया गया। हाल के महीनों में सीमा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और सुरक्षा एजेंसियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

अधिकारियों ने सीमा पर निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा की।

कोलकाता में भी होंगे अहम कार्यक्रम

गृह मंत्री अमित शाह शनिवार शाम को कोलकाता पहुंचेंगे। इसके बाद रविवार को वे राज्य की कानून-व्यवस्था, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, सीमा प्रबंधन तथा जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था सहित कई प्रशासनिक विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।

इसके अलावा विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ वे राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों से भी अलग-अलग बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होगी।


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