अमरावती में नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 350 से अधिक क्लीप वायरल
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आए वीडियो कांड ने सनसनी फैला दी है। 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने और 180 से अधिक लड़कियों के शोषण का दावा किया जा रहा है। आरोपी पर लड़कियों को फंसाकर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप है।

मुंबई। महाराष्ट्र में यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। ढोंगी बाबा अशोक खरात और बहुराष्ट्रीय कंपनी टीसीएस में महिलाओं के यौन उत्पीड़न का मामला चल ही रहा है कि अब अमरावती जिले के परतवाड़ा-अचलपुर क्षेत्र में सैकड़ों युवतियों और नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो वायरल
अश्लील वीडियो कांड ने देश को हिला कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कई लड़कियों के साथ आपत्तिजनक हरकतें दिखाई गई हैं। इस मामले में करीब 180 लड़कियों के शोषण का दावा किया जा रहा है, जिनमें कई नाबालिग लड़कियां भी शामिल बताई जा रही हैं। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान को अरेस्ट कर लिया है।
आरोप है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान युवतियों को पहले प्रेम संबंधों के जाल में फंसाता था। इसके बाद वह उनके साथ निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर इन्हीं वीडियो के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करता था। बताया जा रहा है कि इन वीडियो को बाद में इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया।
आरोपियों की संख्या में हो सकता है इजाफा
इस मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान पर आरोप है कि वह युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था और उनका यौन शोषण करता था। अब इस मामले में एक और आरोपी की एंट्री हुई है। पुलिस ने हुजेर खान इकबाल खान (उम्र 20 वर्ष) को भी आरोपी के रूप में शामिल किया है, जिससे यह मामला और गंभीर होता जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में शिकायतकर्ताओं की संख्या अभी और बढ़ सकती है। ऐसे में आरोपियों की संख्या और दर्ज मामलों में भी इजाफा हो सकता है।
पुलिस ने इस गंभीर मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतने बड़े पैमाने पर वीडियो वायरल होने के पीछे कहीं कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। साइबर सेल की टीमें भी इस मामले में जुट गई हैं।
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
इस बीच, अमरावती के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने पीड़ितों से अपील की है कि वे आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सभी फरियादियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और अलग-अलग संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग उठाई है। वहीं, आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है, जिससे मामला सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
SIT के गठन की मांग
भाजपा के राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे द्वारा पुलिस को सौंपे गए साक्ष्यों के आधार पर यह आरोप लगाया गया है कि एक संगठित गिरोह डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर ज्यादातर नाबालिग लड़कियों एवं युवतियों को अपना निशाना बना रहा था।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपित इंटरनेट मीडिया और मैसेजिंग एप्स के जरिए संपर्क स्थापित करते थे और बाद में आपत्तिजनक वीडियो एवं तस्वीरों का डर दिखाकर शिकार बनाई गई महिलाओं की ब्लैकमेलिंग करते थे।


