निवेश सिर्फ विज्ञापनों में दिख रहा, नौकरियां कहां हैं? अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने लखनऊ में रोजगार, निवेश, बिजली और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने निवेश और नौकरियों के सरकारी दावों पर सवाल उठाए।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने रोजगार और निवेश के सरकारी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। अखिलेश इससे पहले भी बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।
‘निवेश विज्ञापनों में दिख रहा, नौकरियां न्यूज में’
अखिलेश यादव ने कहा कि अखबारों में लगातार निवेश और रोजगार से जुड़े बड़े-बड़े विज्ञापन प्रकाशित किए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर विज्ञापनों में बताई गई नौकरियों के आंकड़े वास्तव में जमीन पर मौजूद होते तो प्रदेश में कोई बेरोजगार नहीं होता।
उन्होंने सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाया और कहा कि उद्योग और निवेश की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने स्पष्ट होनी चाहिए। अखिलेश ने आलू से जुड़े सरकारी प्रचार का जिक्र करते हुए किसानों की आय और खरीद व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
AI वीडियो और कानून-व्यवस्था पर भी निशाना
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार वीडियो देखने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और सपा सांसद पप्पू निषाद को परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया।
अखिलेश ने दावा किया कि पीडीए से जुड़े लोगों को परेशान किया जा रहा है और राजनीतिक विरोधियों की छवि खराब करने के लिए बड़े पैमाने पर निगेटिव कंटेंट तैयार कराया जा रहा है। ऐसे आरोपों को लेकर सरकार या भाजपा का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
‘10 साल में एक भी नया पावर प्लांट नहीं लगा’
बिजली के मुद्दे पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में एक भी नई पावर यूनिट नहीं लगाई गई। उन्होंने सरकार की ऊर्जा नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब विकास के बजाय दीये जलाने की प्रतिस्पर्धा जैसी स्थिति बनाई जा रही है।
उन्होंने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की भी मांग की और कहा कि यदि दिल्ली में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं तो उत्तर प्रदेश में भी होने चाहिए। साथ ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकने के लिए पार्टी की ओर से निगरानी किए जाने की बात कही।
रायबरेली-सीतापुर की घटनाओं पर प्रशासन को घेरा
अखिलेश ने रायबरेली में छात्र सभा के कार्यक्रम को कथित रूप से रोके जाने और सीतापुर में पुलिस-प्रशासन पर कथित पक्षपात का मुद्दा उठाया। उन्होंने लखीमपुर में सड़क निर्माण को लेकर वीडियो बनाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कथित कार्रवाई का भी जिक्र किया और बताया कि पार्टी की एक कमेटी वहां भेजी गई है।
कई नेताओं ने थामा सपा का दामन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांदा से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके मयंक दीक्षित, श्रावस्ती से भाजपा छोड़कर आए नंद किशोर गिरी और उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
अखिलेश यादव के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब सपा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर रही है और पार्टी अपने PDA सामाजिक गठबंधन को विस्तार देने की रणनीति पर काम कर रही है।


