‘परिवारवाद’ से सपा को मिला फायदा, एक ही परिवार के 5 सांसद थे इसलिए पार्टी नहीं टूटी: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने परिवारवाद पर कहा कि सपा को इसका फायदा मिला और एक ही परिवार के पांच सांसदों ने पार्टी को टूटने से बचाया। उन्होंने पीडीए, रोजगार और एआई पर भी बात की।

‘पांच सांसद एक ही परिवार के थे, इसलिए सपा नहीं टूटी’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिवारवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि परिवारवाद से क्या फायदा होता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में पांच सांसद एक ही परिवार से थे, जबकि पार्टी के साथ मुस्लिम सांसद और पुराने समाजवादी नेता भी मजबूती से जुड़े रहे। उनके मुताबिक, यही सामाजिक और राजनीतिक आधार पार्टी को टूटने से बचाने में अहम रहा।
अखिलेश ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संविधान में बदलाव की आशंकाओं के बीच जनता ने भाजपा को जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि कई दल टूट गए, लेकिन समाजवादी पार्टी अपनी राजनीतिक एकजुटता बनाए रखने में सफल रही।
‘नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को समझना होगा’
अखिलेश यादव ने शिक्षा, रोजगार और तकनीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से बदल रहे हैं और अगर भारत इन क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ा तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की चुनौती बढ़ सकती है।
उन्होंने किसानों के लिए भी एआई और नई तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। अखिलेश ने कहा कि नई पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर सवाल कर रही है और राजनीतिक दलों को उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप काम करना होगा।
पीडीए को लेकर फिर स्पष्ट की अपनी परिभाषा
अखिलेश यादव ने पीडीए को लेकर कहा कि भाजपा इससे परेशान है, इसलिए इसकी अलग-अलग व्याख्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीडीए का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के साथ-साथ ‘प्रेम, दया और अपनापन’ भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोगों को प्रेम, दया और अपनापन के जरिए जोड़ने का काम करेगी। उनके मुताबिक, समाज में जितना जुड़ाव बढ़ेगा, पार्टी उतनी ही मजबूत होगी।
‘चवन्नी’ विवाद पर बोले- सच बोलना गुनाह हो गया
जयंत चौधरी को लेकर दिए गए ‘चवन्नी’ वाले बयान पर अखिलेश ने कहा कि आज सच बोलना भी गलत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी गठबंधन निभाने में विश्वास करती है और उनका मौजूदा गठबंधन आगे भी बना रहेगा।


