यूपी में '200 सीटों' वाले कांग्रेस पोस्टर पर घमासान, अखिलेश यादव बोले- भाजपा की साजिश; सरकार आने पर होगा हिसाब
यूपी चुनाव 2027 से पहले लखनऊ में कांग्रेस के 200 सीटों वाले पोस्टर पर विवाद बढ़ा। अखिलेश यादव ने इसे भाजपा की साजिश बताते हुए अधिकारियों से हिसाब लेने की चेतावनी दी।

लखनऊ में लगाए गए पोस्टर पर लिखा है, '200 सीट हक है हमारा, यूपी को है राहुल गांधी पर भरोसा।' पोस्टर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं। हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगवाया और क्या इसके लिए आधिकारिक अनुमति ली गई थी, इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अखिलेश यादव ने पोस्टरों को बताया साजिश
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन की संभावनाओं से भाजपा परेशान है और इसी वजह से कथित तौर पर नकली पोस्टर लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पोस्टर लगाने के लिए निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
सपा प्रमुख ने कहा कि बिना शुल्क पोस्टर लगाए जाने से स्थानीय निकाय के राजस्व को नुकसान हो सकता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
'PDA सरकार आने पर खुलेगा कच्चा-चिट्ठा'
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसी घटनाओं का तारीखवार रिकॉर्ड रख रही है। उनके मुताबिक, इसमें यह भी दर्ज किया जा रहा है कि संबंधित समय पर कौन अधिकारी जिम्मेदार था।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाली PDA सरकार बनने पर कथित भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी। अखिलेश ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) जैसी एजेंसियों के जरिए जांच कराने की बात भी कही। ये बयान उनकी राजनीतिक चेतावनी का हिस्सा हैं; संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बढ़ी चर्चा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में कांग्रेस के 200 सीटों वाले पोस्टर ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है।
अब सवाल यह है कि क्या ये पोस्टर कांग्रेस की वास्तविक चुनावी रणनीति का संकेत हैं या केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश। फिलहाल, अखिलेश यादव के आरोपों के बाद भाजपा, कांग्रेस और सपा के बीच बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।


