यूपी एमएलसी चुनाव: अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिरे, 50 जिलों में हारी भाजपा
यूपी विधान परिषद चुनाव में सपा की जीत के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला। बोले- भाजपा पांच नहीं, 50 जिलों में हारी। 2027 चुनाव, UCC और योगी सरकार पर भी साधा निशाना।

वाराणसी में डबल इंजन की डबल हार: अखिलेश
सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव में पार्टी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में व्यापारियों और महिलाओं का समर्थन समाजवादी पार्टी को मिला है।
वाराणसी में भाजपा की हार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि काशी में डबल इंजन की डबल हार हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि काशी भले ही डूब जाए, लेकिन गोरखधंधा बंद नहीं होना चाहिए।
अखिलेश ने दावा किया कि महिला शिक्षकों ने भी भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अमरोहा में 94 प्रतिशत मतदान होने पर सवाल उठाए। साथ ही संकेत दिया कि चुनाव परिणामों के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
UCC पर भी भाजपा को घेरा, 2027 को बताया भाईचारे का चुनाव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने 2027 में भाजपा की जीत के बाद उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बात कही थी।
अखिलेश ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा 2027 में सत्ता में आने की स्थिति में ही नहीं रहेगी कि यूसीसी लागू कर सके। उन्होंने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव भाईचारे का चुनाव होगा और जनता सांप्रदायिक राजनीति को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।
भाजपा के 10 साल के कार्यकाल पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान प्रदेश में करीब 27 हजार स्कूल बंद किए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर लगभग 27 हजार शराब के ठेके खोले गए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आरक्षण के अधिकारों को नुकसान पहुंचा है और प्रदेश में 30 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है। उनके मुताबिक, विधान परिषद चुनाव के नतीजे इस बात का संकेत हैं कि भाजपा के खिलाफ जनता में नाराजगी बढ़ रही है। अब इन नतीजों का असर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।


