‘भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’, ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार बोले एनएसए अजीत डोभाल
एनएसए अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें और अभियान का लक्ष्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है। डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। भारत जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर का प्रमुख उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना और उन्हें नष्ट करना था।
डोभाल ने ये बातें डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में कहीं हैं। यह ऑपरेशन के बाद उनका पहला विस्तृत इंटरव्यू बताया जा रहा है।
आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था मुख्य लक्ष्य
डोभाल ने बताया कि करीब 88 घंटे तक चले सैन्य अभियान के दौरान भारत ने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य उन आतंकी कैंपों को नष्ट करना था, जिन्हें पहलगाम हमले से जोड़कर देखा गया था।
उन्होंने कहा कि भारत ने अभियान के लक्ष्यों को तय करते समय यह स्पष्ट रखा कि कार्रवाई का निशाना आतंकवादी ढांचा होगा। इसके साथ ही उन्होंने देश की रणनीतिक क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत कठिन परिस्थितियों में भी आवश्यक जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटता।
‘भारत कड़ा प्रहार करने की क्षमता रखता है’
एनएसए ने भारत की नीति को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि देश की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार भारत जरूरत पड़ने पर कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है और संभावित परिणामों को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक फैसले लेने में सक्षम है।
डोभाल की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रम और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर चर्चा जारी है।
डॉक्यूमेंट्री में सामने आएंगे बड़े फैसले
डिस्कवरी के मुताबिक दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों, सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम को विस्तार से दिखाया जाएगा। इसमें भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के अनुभव भी शामिल किए गए हैं।
डॉक्यूमेंट्री में डोभाल अभियान के दौरान लिए गए रणनीतिक फैसलों और जवाबी कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी पर बात करते दिखाई देंगे। इससे ऑपरेशन के दौरान भारत की रणनीति और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं पर जानकारी मिलने की उम्मीद है।
7 मई 2025 को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू किया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी रणनीति का हिस्सा थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया था। दोनों पक्षों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य टकराव चला। 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच बनी सहमति के बाद सैन्य कार्रवाई रोक दी गई थी।


