Top
Begin typing your search above and press return to search.

अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक संदेश में बोले- ‘हर शुरुआत का एक अंत होता है’

भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया। भावुक संदेश में उन्होंने अपने करियर, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत और क्रिकेट प्रशंसकों का आभार जताया।

अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक संदेश में बोले- ‘हर शुरुआत का एक अंत होता है’
X

नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने दो दशक लंबे क्रिकेट सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और अब उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है।

रहाणे भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने कई मुश्किल परिस्थितियों में टीम इंडिया को संभाला और विदेशी सरजमीं पर यादगार पारियां खेलीं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में लगातार खराब फॉर्म और युवा खिलाड़ियों के उभरने के कारण वह राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाए नहीं रख सके।

भावुक पोस्ट में बयां किया दिल का दर्द

अपने विदाई संदेश में रहाणे ने लिखा कि जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और एक दिन उसका अंत भी आता है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी में उन्होंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया और अब उन्हें महसूस होता है कि संन्यास लेने का भी यही उचित समय है।

उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि डोंबिवली से अभ्यास के लिए रोजाना सफर करने वाले एक छोटे से लड़के का सपना केवल भारत की जर्सी पहनना था। उन्होंने हर मैच में देश और टीम को खुद से ऊपर रखा और पूरी ईमानदारी के साथ क्रिकेट खेला।

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत रही सबसे बड़ी उपलब्धि

अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में ऑस्ट्रेलिया में भारत को ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताना शामिल है। उस दौरे पर नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति और कई प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद रहाणे ने टीम का शानदार नेतृत्व किया था। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर ऐतिहासिक श्रृंखला अपने नाम की थी, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

टेस्ट में छोड़ी खास पहचान

रहाणे ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका नहीं मिला। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी उनका सफर अपेक्षाकृत छोटा रहा। उन्होंने अपना आखिरी वनडे 2018 और अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2016 में खेला था।

टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं और विदेशी दौरों पर भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खासकर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन अक्सर टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ।

सभी का जताया आभार

अपने संदेश में रहाणे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने सभी साथियों, कोचों, आईपीएल फ्रेंचाइजी, परिवार और प्रशंसकों का दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें सिर्फ पहचान ही नहीं, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य भी सिखाए।

रहाणे ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में उनका अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा। अब वह अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहते हैं और अपने अनुभव साझा कर भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।

उन्होंने अंत में लिखा कि क्रिकेट में हार और जीत दोनों मिलीं, गलतियां भी हुईं, लेकिन एक जगह ऐसी रही जहां वह कभी नहीं हारे और वह है क्रिकेट प्रेमियों का दिल। उन्होंने सभी प्रशंसकों के प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it