थलापति विजय के फ्लोर टेस्ट से पहले अन्नाद्रमुक के एक गुट ने टीवीके को समर्थन देने का किया ऐलान
Tamilnadu News: AIADMK नेता शनमुगम ने कहा कि अगर हम डीएमके के साथ गठबंधन करते, तो हमारी पार्टी का अस्तित्व खत्म हो जाता। वर्तमान में हम बिना किसी गठबंधन के हैं, और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को पुनर्जीवित और मजबूत करने पर होना चाहिए। इसीलिए हमने टीवीके को अपना समर्थन देने का फैसला किया है।

चेन्नई। तमिलनाडु में टीवीके की सरकार बन चुकी है। विजय का शपथ ग्रहण समरोह भी हो चुका है। वह अब राज्य के सीएम हैं। लेकिन विधानसभा में फ्लोर टेस्ट अभी भी बाकी है। नंबरों के मामले में विजय पास होंगे या नहीं ये तो फ्लोर टेस्ट के बाद ही साफ होगा। फ्लोर टेस्ट से पहले TVK के लिए राहत भरी खबर है। बागी AIADMK ने TVK को समर्थन देने का ऐलान किया है। अब अगर छोटे दल पीठे हटे तो भी विजय आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर सकेंगे। वहीं, टीटीवी दिनाकरण की पार्टी AMMK के विधायक कामराज ने भी कहा है कि वो विजय सरकार को समर्थन देंगे।
AIADMK के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के नेतृत्व में पार्टी के 30 विधायकों ने TVK को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है।सीवी शनमुगम ने कहा कि एआईएडीएमके लगातार हार का सामना कर रही है। इसके लिए किसी एक व्यक्ति को दोष नहीं देना चाहिए। इसकी जिम्मेदार हम सभी लेते हैं। हमें AIADMK को बचाना है और इसके करोड़ों कार्यकर्ताओं के बारे में भी सोचना है। हमें हार के कारणों का आत्मनिरीक्षण करना होगा। हमने एआईएडीएमके महासचिव से जल्द ही आम परिषद की बैठक बुलाने की अपील की है। उम्मीद है कि हम एआईएडीएमके को पुनर्जीवित कर पाएंगे।
AIADMK ने TVK को क्यों दिया समर्थन?
सीवी शनमुगम ने आगे कहा कि डीएमके के विरोध में हमने यह पार्टी बनाई थी। 53 सालों से हमारी राजनीति डीएमके के खिलाफ रही है। डीएमके के समर्थन से एआईएडीएमके सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन इतिहास को देखते हुए हमारे अधिकांश सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम डीएमके के साथ गठबंधन करते, तो एआईएडीएमके का अस्तित्व खत्म हो जाता। वर्तमान में हम बिना किसी गठबंधन के हैं, और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को पुनर्जीवित और मजबूत करने पर होना चाहिए। इसीलिए हमने टीवीके को अपना समर्थन देने का फैसला किया है।
जनादेश और हार दोनों स्वीकार
AIADMK नेता ने कहा कि हमारे पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि विधानसभा में एआईएडीएमके के नेता के रूप में कार्यभार संभालेंगे। सी विजयभास्कर व्हिप हैं। हमने कल कार्यवाहक अध्यक्ष को अपना पत्र सौंप दिया। हम जनादेश स्वीकार करते हैं और सामूहिक रूप से हार भी स्वीकार करते हैं। हमें अपनी हार के कारणों पर विचार करने के लिए सभी से बात करनी होगी। हमने महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी से जल्द आम परिषद की बैठक बुलाने की अपील की है। उम्मीद है कि वे जल्द ही बैठक बुलाएंगे। बैठक में हम अपनी पार्टी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बता दें कि थलापति विजय ने राज्यपाल के सामने अपनी संख्या पहले ही साबित कर दी है, लेकिन शपथ लेने के बाद उन्हें विधानसभा में भी बहुमत भी साबित करना होगा।
इन दलों ने विजय को समर्थन दिया लेकिन DMK से नहीं तोड़े रिश्ते
विजय के लिए सरकार बनाने की राह बिल्कुल भी आसान नहीं रही। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की इस सरकार को निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका रही, जिनके पास 2-2 विधायक हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों दलों ने विजय का समर्थन तो किया लेकिन उन्होंने डीएमके से अपने संबंध पूरी तरह तोड़े नहीं , जो टीवीके की मुख्य विपक्षी पार्टी है। वीसीके ने खुलकर कहा है कि वह डीएमके गठबंधन के साथ है, लेकिन राज्य में संवैधानिक संकट और राष्ट्रपति शासन से बचने के लिए वह विजय का समर्थन कर रही है।
विजय ने कैसे जुटाया बहुमत का आंकड़ा?
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन है, जिसमें TVK के 107, कांग्रेस के 5, वाम दलों के 4 और VCK व IUML के 2-2 विधायक शामिल हैं, राज्य में बहुमत का आंकड़ा 118 है। अब AIADMK ने भी समर्थन का ऐलान कर दिया है। फ्लोर टेस्ट के समय अगर VCK व IUML पीछे हटते भी हैं तो विजय के पास बहुमत का पर्याप्त आंकड़ा होगा।


