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सौरव दास और आशुतोष की न्यायिक हिरासत पर भड़के दिपके, बोले- देश में तिरंगा लहराना अपराध है क्या?

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की ज्यूडिशियल कस्टडी की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर आरोप लगाया और दावा किया कि राष्ट्रीय ध्वज दिखाना एक अपराध माना जा रहा है।

सौरव दास और आशुतोष की न्यायिक हिरासत पर भड़के दिपके, बोले- देश में तिरंगा लहराना अपराध है क्या?
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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की ज्यूडिशियल कस्टडी की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर आरोप लगाया और दावा किया कि राष्ट्रीय ध्वज दिखाना एक अपराध माना जा रहा है।

अभिजीत दिपके ने कहा, "क्या इस देश में तिरंगा लहराना अपराध है? आशुतोष और सौरव को पांच दिन के लिए जेल में क्यों भेजा गया है? क्योंकि उन्होंने जंतर-मंतर पर जाकर तिरंगा लहराया। ये एक तानाशाही की निशानी है। ऐसा आखिरी बार अंग्रेजों के शासन काल में हुआ था। जब अंग्रेज राज कर रहे थे, तब हमारे स्वतंत्रता सेनानी जो संघर्ष कर रहे थे, तिरंगा लहरा रहे थे, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता था।"

वहीं, सीजेपी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया है। मामले से परिचित लोगों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, सौरव दास को जेल नंबर 2, जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है।

जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में बुधवार को दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, सीजेपी के तीसरे सदस्य अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

सीजेपी नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने बातचीत में कहा, "उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।"

तीनों सीजेपी सदस्यों को जंतर-मंतर पर प्रवेश करने के आरोप में एहतियातन हिरासत में लिया गया था। जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की अधिसूचित स्थिति से हटाया जा चुका है। उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश, मुचलके की शर्तों के उल्लंघन और सरकारी अधिकारियों के कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।

बुधवार सुबह उन्हें नई दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।



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