ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन पर अभिजीत दीपके ने लगाया ब्रेक, सौरभ दास और आशुतोष रांका का जिक्र कर हुए भावुक
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन फिलहाल रोकने का ऐलान किया। सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का जिक्र कर समर्थकों से त्योहार परिवार के साथ मनाने की अपील की।

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने फिलहाल आंदोलन पर ब्रेक लगाने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को जारी करीब 16 मिनट के वीडियो संदेश में उन्होंने समर्थकों से कुछ दिन परिवार के साथ बिताने और त्योहारों के दौरान अपनों को समय देने की अपील की। इस दौरान जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए दीपके भावुक हो गए। उनकी आंखें नम हो गईं और गला भर आया।
क्यों आंदोलन से कुछ समय पीछे हटे अभिजीत दीपके?
एक अंग्रेजी अखबार में चुनाव आयोग से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद दीपके ने कथित तौर पर अपना ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान रोककर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नया आंदोलन शुरू किया था। CJP ने पहले कहा था कि मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि, संगठन के नेताओं के कानूनी मुश्किलों में घिरने और समर्थकों के हिरासत में लिए जाने की घटनाओं के बीच दीपके ने अब आंदोलन में अस्थायी विराम का संदेश दिया है।
उन्होंने समर्थकों के पिछले दिनों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई, मुकदमों और दूसरी मुश्किलों की आशंका पहले से थी। इसके बावजूद लोगों ने एकजुट होकर आंदोलन में भाग लिया। दीपके ने सभी समर्थकों को उनके साहस और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
‘कुछ दिन परिवार के साथ बिताइए’
दीपके ने कहा कि पिछले 10-12 दिनों की घटनाओं से आंदोलनकारियों के परिवार भी परेशान हैं। उनके मुताबिक, सड़कों पर प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के साथ मारपीट हुई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने का फैसला प्रदर्शनकारियों ने खुद लिया था, लेकिन उसके असर को उनके परिवार भी झेल रहे हैं।
उन्होंने ‘कॉकरोच’ कहकर संबोधित किए जाने वाले अपने समर्थकों से अपील की कि वे कुछ दिन अपने परिवार और चाहने वालों के साथ बिताएं। त्योहारों के मौके पर परिवार की चिंता को समझना भी जरूरी है।
सौरव दास और आशुतोष रांका के लिए हुए भावुक
वीडियो में दीपके ने बताया कि उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रांका के परिजनों से बातचीत की है। उन्होंने दावा किया कि सौरव की मां ने उन्हें हौसला दिया। दोनों नेताओं को अपना भाई और परिवार बताते हुए दीपके ने कहा कि उनके प्रति भावुक होना कमजोरी नहीं, बल्कि रिश्ते और परवाह की निशानी है।
उन्होंने कहा कि जेल में होने के बावजूद दोनों नेताओं का हौसला कम नहीं होगा। दीपके ने विश्वास जताया कि रिहा होने के बाद सौरव और आशुतोष उसी मुस्कान के साथ बाहर आएंगे और अपने नारों के जरिए आंदोलन जारी रखने का संदेश देंगे।
‘भावनाएं हमारी कमजोरी नहीं, ताकत हैं’
आलोचकों की संभावित प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि उनके आंसुओं को कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साथियों के लिए चिंता और प्रेम महसूस करना उनकी ताकत है, डर नहीं।
फिलहाल, दीपके के संदेश से CJP आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर सवाल उठे हैं। उनके वीडियो में समर्थकों को कुछ समय परिवार के साथ बिताने की अपील की गई है, जबकि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और सौरव दास तथा आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर संगठन का रुख आगे की गतिविधियों में महत्वपूर्ण रहेगा।


