अरविंद केजरीवाल को अभिजीत दीपके ने बताया बेस्ट सीएम, स्टालिन और विजयन का भी लिया नाम
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जवाहरलाल नेहरू को पसंदीदा प्रधानमंत्री बताया और एमके स्टालिन, पिनराई विजयन व अरविंद केजरीवाल के काम की तारीफ की। सीजेपी ने पांच सितंबर के दिल्ली मार्च का भी ऐलान किया।

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में एक कार्यक्रम में अपने पसंदीदा राजनीतिक नेताओं और मुख्यमंत्रियों के नाम बताए। एक रैपिड फायर राउंड के दौरान उनसे देश के अब तक के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लेकर सवाल किए गए। दीपके ने जवाहरलाल नेहरू को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री बताया। वहीं मुख्यमंत्रियों के तौर पर उन्होंने तमिलनाडु के एमके स्टालिन, केरल के पिनराई विजयन और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काम की सराहना की।
जवाहरलाल नेहरू को बताया पसंदीदा प्रधानमंत्री
एक कार्यक्रम में सीजेपी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास ने हिस्सा लिया। रैपिड फायर राउंड में जब उनसे देश के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री के बारे में पूछा गया तो दीपके ने जवाहरलाल नेहरू का नाम लिया। उनके साथ मौजूद रांका और दास ने भी इस जवाब पर सहमति जताई।
स्टालिन और विजयन के काम की तारीफ
सबसे अच्छे मुख्यमंत्री के सवाल पर दीपके ने कहा कि देश में कई मुख्यमंत्रियों ने अच्छा काम किया है। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का नाम लेते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े उनके काम की तारीफ की। इसके बाद उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का उल्लेख करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में केरल के मॉडल को बेहतर बताया।
अरविंद केजरीवाल को भी बताया बेहतर मुख्यमंत्री
दीपके ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी अपनी सूची में शामिल किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अच्छा काम किया था। दीपके ने कहा कि किसी नेता ने अच्छा काम किया है तो उसे स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर सीजेपी नेताओं ने उठाए सवाल
देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री के सवाल पर दीपके ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई नाम याद नहीं आता, जिसने प्राथमिक शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान दिया हो। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आने वाली तस्वीरों का भी उल्लेख किया। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री के पद को कई जगह महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों में भी कई बार यह जानकारी नहीं होती कि उनके राज्य का शिक्षा मंत्री कौन है।
5 सितंबर को दिल्ली में मार्च का ऐलान
सीजेपी ने 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा अनियमितताओं को लेकर 36 दिन चले आंदोलन को वापस लेने के दौरान 25 जुलाई को सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। संगठन के मुताबिक, मार्च इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर जाएगा। इसमें आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित छात्रों के परिजनों और परीक्षा विवाद से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों के शामिल होने की बात कही गई है।


