E20 पेट्रोल के विरोध में पीएम आवास मार्च पर पुलिस ने लगाई रोक, सड़क पर धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल
E20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में AAP का प्रधानमंत्री आवास मार्च पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया। केजरीवाल ने तीन मांगें रखते हुए सरकार से E20 नीति पर पुनर्विचार की अपील की।

नई दिल्ली। ई-20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) का प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च मंगलवार को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता फिरोजशाह रोड पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि वे 2.30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री तक पहुंचाने आए थे। उनका कहना था कि सरकार को देशभर में E20 पेट्रोल को अनिवार्य रूप से लागू करने की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए और आम उपभोक्ताओं को विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
E20 को लेकर सरकार के सामने रखीं तीन मांगें
धरने के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन के साथ-साथ शुद्ध (Pure) पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें।
उन्होंने दूसरी मांग रखते हुए कहा कि यदि E20 ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए। तीसरी मांग में उन्होंने पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाने की बात कही।
केजरीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री से मुलाकात कर जनता की मांगों को सौंपना था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त विकल्प दिए लोगों पर E20 ईंधन थोप रही है।
पुलिस ने अनुमति न होने का दिया हवाला
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके चलते वहां किसी भी प्रकार के जुलूस या मार्च की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च को फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार मौके पर मौजूद रहे।
E20 पेट्रोल पर तेज हुई राजनीतिक बहस
देश में E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस नीति से पुराने वाहनों के मालिकों की चिंताएं बढ़ी हैं, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
आम आदमी पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो E20 नीति के विरोध में आगे भी जन आंदोलन जारी रहेगा। वहीं केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


