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मंच बनाकर किसानों के कल्याण कार्यों को किया जाएगा: शिवराज

 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राजस्व विभाग सहित किसानों से संबंधित अन्य विभागों की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के लिए शुद्धिकरण सप्ताह के अंतर्गत संशोधन कार्य आरंभ होगा

मंच बनाकर किसानों के कल्याण कार्यों को किया जाएगा: शिवराज
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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राजस्व विभाग सहित किसानों से संबंधित अन्य विभागों की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के लिए शुद्धिकरण सप्ताह के अंतर्गत संशोधन कार्य आरंभ होगा।

शिवराज सिंह चौहान आज यहां शिवाजी नगर में भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मंच बनाकर संवाद और चर्चा के माध्यम से किसानों के कल्याण कार्यों को और बेहतर ढंग से पूरा किया जायेगा। कृषकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के कार्य निरंतर जारी रहेंगे। कोरोना से बचाव में भी किसानों का सहयोग लिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय किसान संघ ने आज किसान मित्र सम्मान दिया है, जिसके लिए संघ के आभारी हैं। किसान संघ से मिले इस सम्मान का सदैव मान रखेंगे। मध्यप्रदेश के परिश्रमिक किसानों ने रिकार्ड गेहूँ उत्पादन कर मध्यप्रदेश को उपार्जन में पंजाब से आगे बढ़कर पहले स्थान पर लाने का कार्य किया है। भारतीय किसान संघ के देश में 500 से अधिक शाखायें हैं। संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री यहां उपस्थित हैं, जो इस संगठन को किसान वर्ग की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाने का कार्य कर रहे हैं।

श्री चौहान ने कहा कि गत वर्ष जब कोरोना का संकट शुरू हुआ और उन्होंने मुख्यमंत्री का पदभार संभाला, तब किसानों की अनेक समस्याएं लंबित थीं। सबसे पहले फसल बीमा योजना का 2200 करोड़ का प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा जमा किया गया, जो पूर्व सरकार ने जमा नहीं किया था। इस राशि के जमा करने के फलस्वरूप 3200 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई। एक वर्ष में 8699 करोड़ रूपये की बीमा राशि किसानों के खाते में जमा की गई। इसके अलावा 100 करोड़ रूपये उद्यानिकी फसलों के बीमा के भी जमा किये गये। सभी मिलाकर विभिन्न योजनाओं में किसानों को 89 हजार करोड़ रूपये की राशि दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 6 हजार रूपये में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के 4 हजार रूपये मिलाकर प्रदेश के प्रत्येक पंजीकृत किसान को साल में 10 हजार रूपये की राशि प्रदान करने का कार्य किया गया। शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की व्यवस्था की गई। आगे भी आवश्यक राशि की व्यवस्था कर किसान कल्याण योजनाओं को लागू किया जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना में भी किसान सहयोग करें। आलू, मटर, टमाटर, केला आदि का विपुल उत्पादन करने वाले जिले उत्पादों को एक्सपोर्ट के काबिल बनाएं। प्रोसेसिंग यूनिट भी किसानों द्वारा लगाई जाए। इन्हें राज्य सरकार अधिकतम सहयोग करेगी। एफपीओ के माध्यम से भी किसान भागीदारी करें। इन संगठनों को राज्य सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढाकर 41 लाख हेक्टेयर के पार किया गया। इसे 65 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने के लिए हम संकल्पित हैं। अप्रैल और मई माह में जल संरचनाओं के विकास का कार्य होगा। पानी की एक-एक बूँद बचाने के लिए किसान वर्ग का सहयोग चाहिए। हम स्प्रिंकलर सिंचाई को भी बढ़ाएंगे। कम पानी में सिंचाई का कार्य हो जाए, इस दिशा में पाइप के माध्यम से और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से सिंचाई कार्य को विस्तार देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ और धान के अलावा अन्य फसलों को भी साथ में उगाने के संबंध में किसान वर्ग पहल करे। कैश क्राप लेकर किसान अधिक लाभ अर्जित करें। जैविक कृषि के अलावा अन्य मॉडल अपनाये जा सकते हैं। श्री चौहान ने कहा कि किसान बंधु कोरोना से बचाव के लिए सावधानियां रखें। टीका अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि उन्हें वैक्सिनेशन कार्य में किसान संघ का सहयोग चाहिए। 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक कोरोना से बचाव का टीका अवश्य लगवाएं क्योंकि यह वैक्सीन शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में सहयोगी है। इसके साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए सभी को सजग रहना है।

श्री चौहान ने कहा कि भारतीय किसान संघ द्वारा प्राप्त सुझावों पर विचार कर उन्हें किसान हित में लागू किया जायेगा। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।


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