किसानों की जमीन पर जबरन लगा रहे टॉवर,विरोध करने पर दी जा रही धमकी
रायगढ़ ! छत्तीसगढ़ के किसान एक तरफ अपनी धान की फसल औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हंै वहीं अब विद्युत विभाग उनकी उस जमीन पर अवैध ढंग से टावर खड़ा कर रहा है

रायगढ़ ! छत्तीसगढ़ के किसान एक तरफ अपनी धान की फसल औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हंै वहीं अब विद्युत विभाग उनकी उस जमीन पर अवैध ढंग से टावर खड़ा कर रहा है जिससे उनकी जमीन पर न तो खेती हो पाएगी और न ही और कोई काम। परेशान किसान इसका विरोध करते हैं तो उन्हें पुलिस के डंडे से डरा धमकाकर जोर जबर्दस्ती से विद्युत टावर खड़ा करने की पहल शुरू हो गई है।
खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कौंआताल, पुटकापुरी सहित आसपास के दर्जनों गांवों में विद्युत विभाग के द्वारा नई विद्युत लाइन बिछाने के नाम पर जगह-जगह टावर बनाये जा रहें है और ये टावर उन किसानों की जमीनों पर बनाये जा रहें है जहां किसान अपनी जीवन यापन के लिये खेती किसानी करता है और इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे किसानों ने जब विरोध किया तो उन्हें खाकी वर्दी का धौंस दिखाकर चमकाया जा रहा है। हमारे संवाददाता ने इस मामले में जब ठेकेदार के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से कतराते रहे और सफाई देने में लग गये। पूरे मामले में किसानों ने बताया कि उनकी जमीन पर टावर लगाने के लिये न तो उन्हें कोई जानकारी दी गई और न ही कोई लिखित रूप से उन्हें बताया जा रहा है कि उन्हें टावर लगाने के नाम पर कोई मुआवजा मिलेगा और इसका विरोध करने के बाद भी जोर जबर्दस्ती से उनकी बेशकीमती जमीन पर भी हजारों व्हाट बिजली प्रवाहित करने वाला बडा टावर खडा किया जा रहा है परेशान किसान कहते है कि छत्तीसगढ़ सरकार के इस रवैये से उन्हें न केवल मानसिक अघात पहुंचा है बल्कि आर्थिक परेशानी से भी जूझना पड़ेगा। उनका कहना है कि बिना किसी उचित मुआवजे के उनकी जमीन पर टावर लगाना अवैधानिक है और वे केवल इतना चाहते है कि नियमानुसार टावर लगाने के नाम पर मुआवजा दिया जाये पर ठेकेदार कोई जवाब नही दे रहें है उल्टे उन्हें पुलिस की धमकी देकर परेशान कर रहें है, किसानेां का यह भी कहना है कि वे शासन के इस काम में अडंगा नही लगाना चाहते, पर मुआवजा नही मिलेगा तो वे इसका विरोध करेंगे।


