साल्हेवारा में भी फूटा किसानों का गुस्सा
समर्थन मूल्य में चना खरीदी के लिए चलाए जा रहे चना-सत्याग्रह अंतर्गत जिला किसान संघ के बैनर तले अंतिम छोर के गांव साल्हेवारा में आयोजित किसान-सभा में भी किसानों का गुस्सा फूटा

राजनांदगांव । समर्थन मूल्य में चना खरीदी के लिए चलाए जा रहे चना-सत्याग्रह अंतर्गत जिला किसान संघ के बैनर तले अंतिम छोर के गांव साल्हेवारा में आयोजित किसान-सभा में भी किसानों का गुस्सा फूटा। चना का दाम नहीं मिलने, सूखा राहत वितरण में भर्राशाही, खरीफ का बीमा भुगतान अब तक नहीं होने, सूखे के बावजूद ऋण माफी नहीं होने उल्टे ऋण पर ब्याज जोड़े जाने, सामुदायिक वनाधिकार नहीं दिए जाने, प्रशासनिक व्यवस्था गंडई एवं छुईखदान में विभक्त होने से किसानों में भारी नाराजगी है जो उनके वक्तव्यों से सामने आया।
जिला किसान संघ की पहली सभा में क्षेत्र के १७ पंचायतों के किसान भारी संख्या में पहुँचे थे। सभा में सभी ने एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई एवं संघ से जुड़ने की बात कही एवं १२ गांवों में गठित किसान कार्यकारिणी की सूची भी पदाधिकारियों को सौंपी गई।
सभा को संबोधित करते हुए सुदेश टीकम ने कहा कि सरकार सरकारी सेवाओं में छग के युवाओं के बजाए आउटसोर्सिंग से पदों की भर्ती करती है और अब आदिवासी क्षेत्रों में वितरण के लिए चना भी नाफेड के माध्यम से छग के बाहर से लाया जा रहा है। ये न सिर्फ किसानों की उपेक्षा और अन्याय है अपितु ये छग के किसानों का अपमान भी है। अब छग के किसान और नौजवान मिलकर आउटसोर्सिंग सरकार को सबक सिखायेंगे।
1 मई को मजदूर दिवस एवं स्व. लाल श्याम शाह जी की जयंती के अवसर पर जिलेभर के मजदूर-किसान एकजूट होकर अपनी मांगों को लेकर राजनांदगांव में जंगी प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर किसानों के साथ मजदूर संगठनों एवं अन्य आंदोलनो को भी एक मंच पर लाने प्रयास जारी है। किसानों की ओर से ऋण-माफी, बोनस-बीमा, सूखा राहत वितरण, ऋण पर ब्याज जोड़े जाने, वनाधिकार लागू करने, समर्थन मूल्य पर चना खरीदी एवं छ.ग. में वितरण हेतु छ.ग. के किसानों का चना लेने की मांग जोर-शोर से उठाया जावेगा।
वहीं अन्य संगठनों एवं आंदोलनों की मांगों को भी स्थान दिया जावेगा। सभा को सुदेश टीकम, मदन साहू, नीलांबर वर्मा, चंदू साूह, साधूराम धुर्वे, तौहीद खान, कोमल साहू, खिलेश्वर पाल, नरेश पटेल, सुरीत वर्मा, उमेश वर्मा ने संबोधित किया। बाजारू राम पटेल, राजाराम मरकाम, मंगलूराम मंडावी, सीताराम धु्रवे, शत्रोहन मरकाम, माखन, देवकुमार, जनक लाल, कन्हैया माण्डले, मामराज, सूरज लाल, उमराव साहू, सांवल नेताम, चेतन सिंह, रामदयाल, ईश्वरदास मानिकपुरी, बीरबल वर्मा, मंगल गोंड, राजेन्द्र बाहेश्वर, युवराज वर्मा, डॉक्टर शहरे, कुंभकरण माण्डले, घासीराम साहू, गौतर पटेल, भुनेश्वर यादव, रामलाल ठाकरे, महिपाल साहू, कमलेश्वर रामटेके विशेष रूप से उपस्थित थे।


