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कोचियों पर लगाम कसने प्रशासन नाकाम

वर्तमान आबकारी सत्र में शराब बिक्री का जिम्मा शासन-प्रशासन द्वारा स्वयं उठा लेेने से अवैध शराब बिक्री पर अंकुश तो लगा है...

कोचियों पर लगाम कसने प्रशासन नाकाम
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रायपुर। वर्तमान आबकारी सत्र में शराब बिक्री का जिम्मा शासन-प्रशासन द्वारा स्वयं उठा लेेने से अवैध शराब बिक्री पर अंकुश तो लगा है पर अवैध शराब बिक्री थमा नहीं है। कोचियों पर लगाम लगने व अवैध शराब का काम तमाम होने संबंधी आबकारी विभाग के सार्वजनिक दावा को देख लगता है कि शासन-प्रशासन कोचियाबंदी हो जाने के मुगालते में है, जबकि जमीनी हालात इसके ठीक विपरीत है व ग्रामों के माहौल को देख लगता है कि शासन-प्रशासन की निष्क्रियता के चलते कोचिये पुन: बेखौफ हो सक्रिय हो चले है।

पिछले 20-22 वर्षों से शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने आबकारी विभाग के उलट यह दावा किया है। श्री शर्मा के अनुसार शासन-प्रशासन द्वारा शराब बिक्री का जिम्मा बीते एक अप्रैल से स्वयं उठाने के बाद से ग्रामों के गली कूचों में बिकने वाले अवैध शराब पर शुरूआती अप्रैल माह में प्रशासनिक सक्रियता के चलते तकरीब 90 प्रतिशत तक अंकुश कोचियों के डरे सहमे के कारण लगा रहा पर अब अप्रैल माह जैसे प्रशासनिक सक्रियता व दबाव न दिखने से कोचिये पुन: बेखौफ होने लगे हैं व मई माह बीतते बीतते अंकुश का दायरा सिमटकर 60 फीसदी तक रह गया है व कोचिये प्रति पाव 50 रुपए का शुद्ध मुनाफा कमा ग्राम के पियक्कड़ों को आसानी से शराब उपलब्ध करा ग्रामों के माहौल को पुन: बिगाडऩा शुरू कर दिये है।

मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के प्रमुख ग्राम चंदखुरी फार्म, पलौद, गोटी, चंदखुरी, मुनगेसर, बडगांव आदि में दिनोंदिन हालात बेकाबू होते जाने की जानकारी देते हुए क्षेत्र के ग्रामों में अधिकतर ढाबों में व सड़क मार्गों के किनारे शराब पीने-पिलाने का दौर चलने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने ग्रामीणों के हवाले से जानकारी दी है कि कई शराब दूकानों के कर्मचारियों से कोचिये सांठगांठ कर निर्धारित मात्रा से अधिक शराब पा रहे हैं व कई कोचिये मोटर सायकल से तीन-चार के गु्रप में जा प्रति व्यक्ति के हिसाब से 4-4 पौव्वा ला ग्राम में आ उसे बेच रहे हैं। कई कोचियों द्वारा दिन में कई बार जा शराब ला बेचने की भी उन्होंने जानकारी दी है। उन्होंने इस पर रोक लगाने प्रभावी व्यवस्था व सघन पेट्रोलिंग की आवश्यकता ठहराते हुए इसके अभाव में शासन की कोचियाबंदी की मंशा विफल होने के प्रति आगाह किया है।


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