एक्सप्रेस-वे की सर्विस रोड बनी मुसीबत
ग्रेनो/रबूपुरा ! नोएड़ा से आगरा तक जाने वाले यमुना एक्सप्रेस- वे ने जहां अपनी एक अलग पहचान बनाई है वहीं इसका सर्विस रोड आवागमन के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुका है।

चुंगी व टैक्स बचाने के चक्कर में हरियाणा से आते हैं सैंकड़ों वाहन
ग्रेनो/रबूपुरा ! नोएड़ा से आगरा तक जाने वाले यमुना एक्सप्रेस- वे ने जहां अपनी एक अलग पहचान बनाई है वहीं इसका सर्विस रोड आवागमन के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुका है। हरियाणा सीमा से आने वाले एवं क्षेत्रीय यहां से हर दिन सैंकड़ों वाहन गुजरते हैं परन्तु सर्विस रोड पर जमा भारी मात्रा में रेत-मिट्टी व गहरे गडढें के कारण रोजाना दर्जनों वाहन फंसे नजर आते हैं। चालक किसी प्रकार लोगों की मदद से अपनी गाडिय़ों को निकाल कर गंतव्य के लिए जाते हैं।
यंू तो जिले के विकास को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं तथा क्षेत्रीय समस्याओं हवाला देकर कभी बैठक तो कभी धरना करने के नाम पर कई अराजनैतिक संठगनों के नेता सुर्खियां बटोरने के प्रयास में लगे रहते हैं। क्षेत्र से गुजरने वाला यह 2 किलोमीटर का रास्ता किसी किसान नेता या संगठन कार्यकर्ताओं को नजर नहीं आता और ना ही प्राधिकरण या जिला प्रशासनिक अधिकारियों का इधर कोई ध्यान है। इसी के चलते स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
गौरतलब है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो पांइट से लेकर जेवर तक सर्विस रोड निर्माण की शुरुआत की गई थी। परन्तु सर्विस रोड का निर्माण दनकौर से कुछ आगे गांव रौनीजा तक ही हो पाया। आगे मिट्टी, रोडा आदि डालकर यूंही छोड़ दिया गया। रबूपुरा क्षेत्र के हरियाणा निकटवर्ती होने के कारण हरियाणा से आने वाले सैंकड़ों भारी वाहन खेड़ा अंडरपास होते हुए नोएडा-गाजियाबाद की तरफ जाते हैं। सूत्रों की माने तो यह वाहन चालक चुंगी व सैल्सटैक्स बचाने के चक्कर में उक्त रास्ते का अधिक प्रयोग करते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से खेड़ा अंडरपास से लेकर रौनीजा अंडरपास तक सर्विस रोड़ में 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात के दिनों में जल भराव रहता था और अब भारी मात्रा में रेता जमा हो गया है। जहां से कार, बाईक आदि का निकल पाना तो बिल्कुल मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक उक्त मार्ग को बनाने की कई बार मांग की जा चुकी है परन्तु आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।


