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इटावा सफारी मे तौकीर की मौत से मचा हडकंप

चंबल की छवि बदलने के इरादे से उत्तर प्रदेश के बीहडो मे स्थापित इटावा सफारी पार्क मे गुजरात से एक पखवारे पहले लाये एक तौकीर शेर की मौत से हडकंप मच गया है ।

इटावा सफारी मे तौकीर की मौत से मचा हडकंप
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इटावा । चंबल की छवि बदलने के इरादे से उत्तर प्रदेश के बीहडो मे स्थापित इटावा सफारी पार्क मे गुजरात से एक पखवारे पहले लाये एक तौकीर शेर की मौत से हडकंप मच गया है ।

पार्क के निदेशक वी.के.सिंह ने शनिवार को तौकीर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि 25 सितंबर को गुजरात से इटावा सफारी पार्क लाये गये तौकीर शेर ने छह अक्टूबर से खाना बंद कर दिया था । मथुरा और आईबीआरडी बरेली के डाक्टरों यहाॅ आकर जांच की और ग्लूकोज चढाया था। शुक्रवार को सफारी के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों के प्रयास के बावजूद तौकीर (शेर) को बचाया नहीं जा सका।

उन्होने बताया कि तौकीर की मौत का कारण जानने के लिये उसके शव को आईबीआरआई बरेली परीक्षण के लिए भेज दिया गया है । अमूमन स्थान परिवर्तन पर सामान्यत: वन्य जीव खाना आदि छोड दिया करते है ऐसा ही कुछ तौकीर के मामले मे भी अनुमानित लग रहा है फिर भी पोस्टमार्टम रिर्पोट का इंतजार है ।

निदेशक ने बताया कि 25 सितंबर को गुजरात से इटावा सफारी पार्क लाये गये शेर शेरनियो और शावको मे से तौकीर शेर इकलौता नर शेर था। तौकीर के साथ ही शेरनी तेजश्वनी,मरियम,जेनीफर और तीन अन्य शावक भी लाये गये रहे ।

इसी साल 12 जुलाई को शेरनी जेसिका के एक शावक की मौत से सफारी प्रशासन को झटका लग चुका है। चार साल पहले भी सफारी में पांच शावकों की मौत हो चुकी है, इस तरह यहां अब तक दस शेर, शेरनी और शावकों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले जुलाई और अगस्त 2015 में शेरनी हीर व ग्रीष्मा ने पांच शावकों को जन्म दिया था । इनमें से दो की मौत तो जन्म के साथ ही हो गई जबकि कुछ दिनों बाद शेष तीन शावको की भी मौत हो गई । शेरनी हीर के दो शावक 18 जुलाई 2015 को पैदा हुए है जिनकी जन्म के साथ ही मौत हो गई जब कि इसी तरह से शेरनी ग्रीष्मा के पैदा हुए तीन शावको मे दो की 21 जुलाई 2015 को एक शावक की 14 अगस्त 2015 को मौत हो गई ।

शावको के अलावा इटावा सफारी पार्क मे 30 अक्टूबर 2014 को शेरनी लक्ष्मी,16 नवम्बर 2014 शेर विष्णु, 8 जनवरी 2016 को शेरनी तपस्या, 2 जून 2016 को शेर कुबेर, 8 नवम्बर 2016 को शेरनी ग्रीष्मा,चंबल के बीहड से लाये गये घायल लैपर्ड शिशु 27 सितम्बर 2017 को, 24 दिसम्बर 2017 को शंकर भालू, 5 जनवरी 18 को हिरन , 4 फरवरी 2018 को शेरनी कुंवारी की मौत हुई है ।

उल्लेखनीय है कि इटावा सफारी पार्क पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्राजेक्ट है जिसे अखिलेश यादव ने चंबल की बदनाम छवि से मुक्त दिलाने के इरादे से स्थापित कराया है। पार्क मे इस समय शेरनी जेसिका ,हीर शेर मनन,पटौदी व गीगो,शावक सिंबा,सुल्तान और बाहुबली ,जेसिका के तीन शावको के अलावा एक सैकडा से अधिक हिरन,भालू भी है ।


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