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‘बार्डर 2’ में तब्बू क्यों नहीं, निर्माता निधि दत्ता ने बताई वजह
निधि दत्ता के अनुसार, यह फिल्म युद्ध की एक अलग लड़ाई और अलग नायकों की कहानी कहती है। इसी कारण इसमें कई नए कलाकारों को शामिल किया गया है और पहले भाग के सभी किरदारों की वापसी जरूरी नहीं थी।

मुंबई। सीक्वल और फ्रेंचाइज फिल्मों में पिछली कड़ी के लोकप्रिय कलाकारों की वापसी दर्शकों की स्वाभाविक अपेक्षा होती है। इसी क्रम में जब ‘बार्डर 2’ की कास्ट सामने आई और उसमें अभिनेत्री तब्बू का नाम नहीं दिखा, तो इंटरनेट मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। अब इन सवालों पर फिल्मकार जेपी दत्ता की बेटी और ‘बार्डर 2’ की निर्माता निधि दत्ता ने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया है।
अलग युद्ध, अलग लड़ाई, अलग किरदार
‘बार्डर 2’ वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है, लेकिन यह फिल्म पहली ‘बार्डर’ की सीधी कहानी को आगे नहीं बढ़ाती। निधि दत्ता के अनुसार, यह फिल्म युद्ध की एक अलग लड़ाई और अलग नायकों की कहानी कहती है। इसी कारण इसमें कई नए कलाकारों को शामिल किया गया है और पहले भाग के सभी किरदारों की वापसी जरूरी नहीं थी। निधि ने प्रमोशन के दौरान कहा, “जब कहानी ही अलग है, लड़ाई अलग है, तो किरदार भी अलग होंगे। दर्शकों को यह समझना होगा कि ‘बार्डर 2’ एक नई दृष्टि और नई घटनाओं के साथ बनाई जा रही फिल्म है।”
सनी देओल भी अलग भूमिका में
पहली ‘बार्डर’ में सनी देओल ने कुलदीप सिंह चांदपुरी का यादगार किरदार निभाया था और तब्बू उनकी पत्नी की भूमिका में नजर आई थीं। लेकिन ‘बार्डर 2’ में सनी देओल वही किरदार दोहराते नहीं दिखेंगे। निधि दत्ता ने साफ किया कि सनी इस बार एक नई भूमिका में होंगे। उन्होंने कहा, “जब सनी जी का किरदार ही अलग है, तो जाहिर है उनकी ऑनस्क्रीन पत्नी भी अलग होगी। ऐसे में तब्बू के न होने को कहानी के संदर्भ में देखना चाहिए, न कि केवल कलाकारों की निरंतरता के नजरिये से।”
इंटरनेट मीडिया की अटकलों पर विराम
सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि क्या तब्बू को जानबूझकर फिल्म से बाहर किया गया है या किसी विवाद के कारण उन्हें नहीं लिया गया। निधि ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि कास्टिंग पूरी तरह कहानी की मांग के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा, यह कोई व्यक्तिगत या पेशेवर मतभेद का मामला नहीं है। हम कलाकारों का चयन केवल इस आधार पर करते हैं कि कहानी के लिए कौन सबसे उपयुक्त है।
‘बार्डर 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, जिम्मेदारी है
निधि दत्ता ने बातचीत के दौरान ‘बार्डर 2’ को लेकर एक भावनात्मक पहलू भी साझा किया। उन्होंने बताया कि यह फिल्म उनके और उनके पिता जेपी दत्ता के लिए केवल एक सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, दिवंगत जनरल बिपिन रावत ने उन्हें और उनके पिता को दिल्ली बुलाया था। उस मुलाकात में जनरल रावत ने 1971 युद्ध से जुड़े कई प्रसिद्ध और कई गुमनाम नायकों की कहानियां साझा की थीं।
गुमनाम नायकों की कहानियां
निधि के अनुसार, जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि देश को सिर्फ चर्चित युद्ध कथाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कई ऐसे सैनिक और अधिकारी रहे हैं, जिनका बलिदान इतिहास के पन्नों में कहीं दब गया। उन्होंने कहा, “उन्होंने हमें चार-पांच ऐसे नायकों की कहानियां सुनाईं, जिनके साहस और बलिदान के बारे में आम जनता बहुत कम जानती है। उन्होंने कहा था कि इन कहानियों को लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है,”।
जनरल रावत का सपना
निधि दत्ता ने कहा कि ‘बार्डर 2’ में इन्हीं कहानियों को सिनेमाई रूप दिया जा रहा है। उनके शब्दों में, “मैं गर्व से कह सकती हूं कि ‘बार्डर 2’ सिर्फ मेरा और मेरे पिता का सपना नहीं है। यह जनरल बिपिन रावत का भी सपना था। उन्होंने हम पर भरोसा किया और यह जिम्मेदारी सौंपी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि सैन्य परंपराओं, बलिदान और अनुशासन का सम्मान बना रहे।
दर्शकों से धैर्य की अपील
निधि दत्ता ने दर्शकों से अपील की कि वे ‘बार्डर 2’ को एक नई कहानी के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य केवल पुरानी यादों को भुनाना नहीं, बल्कि 1971 युद्ध के उन पहलुओं को सामने लाना है, जो अब तक कम चर्चा में रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें भरोसा है कि जब दर्शक फिल्म देखेंगे, तो उन्हें समझ आएगा कि कुछ कलाकार क्यों बदले गए और क्यों नई कास्ट जरूरी थी”।
देशभक्ति और सिनेमा का संगम
‘बार्डर 2’ से निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर असर छोड़ेगी, बल्कि देश के सैनिकों और उनके बलिदान के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करेगी। नई कहानी, नए किरदार और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कथानक के साथ ‘बार्डर 2’ को एक बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल, तब्बू की गैरमौजूदगी पर उठे सवालों का जवाब मिल चुका है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि ‘बार्डर 2’ पर्दे पर 1971 के युद्ध की कौन-सी अनकही कहानियां सामने लाती है।
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