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तीन साल की उम्र से ठुमकने लगी थीं 'धक धक गर्ल', बतौर कथक नृत्यांगना नौवें साल में मिला था स्कॉलरशिप

सिने लवर्स जब भी 'धक धक गर्ल' का जिक्र करते हैं तो वो मुस्कान और अनोखे नृत्य की मल्लिका माधुरी दीक्षित का चेहरा आंखों के सामने आ जाता है

तीन साल की उम्र से ठुमकने लगी थीं धक धक गर्ल, बतौर कथक नृत्यांगना नौवें साल में मिला था स्कॉलरशिप
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मुंबई। सिने लवर्स जब भी 'धक धक गर्ल' का जिक्र करते हैं तो वो मुस्कान और अनोखे नृत्य की मल्लिका माधुरी दीक्षित का चेहरा आंखों के सामने आ जाता है। दर्शकों को एक से बढ़कर एक फिल्में देने वाली अभिनेत्री न केवल अभिनय व खूबसूरती बल्कि डांसिंग में भी कमाल हैं। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि वह 3 साल की उम्र से ठुमकने लगी थीं और नौवें साल में उन्हें पहली बार स्कॉलरशिप भी मिला था।

15 मई 1967 को मुंबई में जन्मीं माधुरी ने बहुत जल्दी कथक नृत्य में अपनी प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी। बचपन से ही नृत्य के प्रति जुनून रखने वाली माधुरी दीक्षित आज भी अपनी अदाकारी और नृत्य से दर्शकों के दिलों पर राज करती हैं। स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ वह कल्चरल एक्टिविटीज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने के लिए कॉलेज जॉइन किया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनकी किस्मत का रास्ता अभिनय की ओर मुड़ गया।

साल 1984 में राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘अबोध’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म को खास सफलता नहीं मिली, लेकिन माधुरी को पहली ही फिल्म के लिए आलोचकों की सराहना मिली। इसके बाद वह ‘आवारा बाप’, ‘स्वाती’, ‘हिफाजत’ और ‘उत्तर दक्षिण’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। साल 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ ने उनके करियर को नई दिशा दी। फिल्म में ‘मोहिनी’ गाने पर उनका नृत्य रातोंरात सुपरहिट हो गया और माधुरी दीक्षित स्टार बन गईं।

एक समय ऐसा भी आया कि 90 के दशक में माधुरी दीक्षित बॉलीवुड की सबसे बड़ी स्टार मानी जाती थीं। फिल्म ‘दिल’ के लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला। इसके बाद ‘बेटा’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘दिल तो पागल है’ जैसी फिल्मों ने उन्हें चार फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाए। ‘खलनायक’, ‘अंजाम’, ‘मृत्युदंड’ और ‘साजन’ जैसी फिल्मों में उन्होंने शानदार अभिनय किया।

साल 1999 में माधुरी दीक्षित ने डॉ. श्रीराम माधव नेने से शादी कर ली। इसके बाद वह अमेरिका चली गईं, लेकिन साल 2007 में ‘आजा नचले’ से वापसी की। 2002 में ‘देवदास’ में चंद्रमुखी का रोल उनके करियर की बेहतरीन भूमिकाओं में शुमार है, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला। उन्होंने 2014 में ‘डेढ़ इश्किया’ और ‘गुलाब गैंग’ जैसी फिल्मों में सशक्त भूमिकाएं निभाईं। 2018 में मराठी फिल्म ‘बकेट लिस्ट’ और 2019 में ‘कलंक’ व ‘टोटल धमाल’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

माधुरी दीक्षित की एक्टिंग व डांस का जादू आज भी बरकरार है। वह रियलिटी शोज में बतौर जज भी कई बार नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा, अपनी प्रोडक्शन कंपनी के कामों में व्यस्त रहती हैं।


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