Begin typing your search above and press return to search.
सुनील ग्रोवर की आमिर खान पर मिमिक्री, जब खुद आमिर भी हंसी से लोटपोट हो गए
हाल ही में प्रसारित हुए लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ के एक एपिसोड में सुनील ग्रोवर आमिर खान के अंदाज़ में नजर आए। उनकी लहजा इस कदर सटीक था कि कुछ पल के लिए दर्शकों को भी भ्रम हो गया।

मुंबई: Sunil Grover mimicry of Aamir Khan: अच्छा मिमिक्री कलाकार वही माना जाता है, जो सामने वाले की नकल इस अंदाज़ में करे कि वह चुभे नहीं, बल्कि मुस्कान दे जाए। मनोरंजन की दुनिया में मिमिक्री तभी सफल मानी जाती है, जब वह मज़ाक के साथ-साथ सम्मान भी बनाए रखे। हिंदी सिनेमा और टेलीविजन जगत में यह संतुलन साधना बेहद कठिन है, लेकिन कामेडियन और अभिनेता सुनील ग्रोवर ने यह कर दिखाया है। अपने लंबे करियर में सुनील ग्रोवर ने अमिताभ बच्चन से लेकर शाह रुख खान, सलमान खान, अजय देवगन और कई अन्य सितारों की मिमिक्री कर दर्शकों को गुदगुदाया है। उनकी मिमिक्री की खासियत यह रही है कि वह कभी अपमानजनक नहीं लगी। यही वजह है कि उनकी हालिया आमिर खान मिमिक्री ने न सिर्फ दर्शकों को, बल्कि खुद आमिर खान को भी बेहद प्रभावित किया।
द कपिल शर्मा शो में आमिर खान बनकर छा गए सुनील ग्रोवर
हाल ही में प्रसारित हुए लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ के एक एपिसोड में सुनील ग्रोवर आमिर खान के अंदाज़ में नजर आए। उनकी बॉडी लैंग्वेज, संवाद अदायगी, चेहरे के भाव और बोलने का लहजा इस कदर सटीक था कि कुछ पल के लिए दर्शकों को भी भ्रम हो गया। यह मिमिक्री सिर्फ आवाज़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि आमिर खान के सोचने, रुक-रुककर बोलने और गंभीर बात को भी हल्के हास्य में बदलने की शैली को सुनील ने बखूबी पकड़ लिया। यही वजह रही कि यह प्रस्तुति सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गई।
जब खुद आमिर खान हो गए प्रभावित
सुनील ग्रोवर की मिमिक्री पर जब आमिर खान से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने बेहद खुले दिल से इसकी तारीफ की। एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा: “मैं तो इसे मिमिक्री भी नहीं कहूंगा। यह इतना असली की तरह लग रहा था कि मुझे लगा कि मैं स्वयं को देख रहा हूं। मैंने एक छोटी क्लिप देखी। अब मैं पूरा एपिसोड देखूंगा, लेकिन मैंने जो भी देखा, वह अमूल्य था।” आमिर ने आगे कहा कि वह इस मिमिक्री को देखकर इतनी जोर से हंसे कि उन्हें सांस लेने में तक दिक्कत होने लगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रस्तुति में कुछ भी गलत या आपत्तिजनक नहीं था।
सबसे ज्यादा मैं ही हंसा : आमिर खान
आमिर खान ने अपनी प्रतिक्रिया में यह स्वीकार किया कि शायद इस मिमिक्री पर सबसे ज्यादा हंसी उन्हें ही आई। उन्होंने कहा: “वह देखकर शायद मैं ही सबसे जोर से हंसा था।” यह बयान अपने आप में सुनील ग्रोवर की कला की सबसे बड़ी प्रशंसा मानी जा रही है। आमिर खान जैसे परफेक्शनिस्ट अभिनेता से इस तरह की प्रतिक्रिया मिलना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
मिमिक्री से अभिनय तक का सफर
सुनील ग्रोवर ने अपने करियर की शुरुआत रेडियो से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान टेलीविजन और कॉमेडी शोज़ से मिली। ‘द कपिल शर्मा शो’ में डॉ. मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी जैसे किरदारों ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। हालांकि, सुनील को सिर्फ एक कॉमेडियन तक सीमित करना उनके टैलेंट के साथ न्याय नहीं होगा। उन्होंने फिल्मों और वेब सीरीज में भी अपने अभिनय से यह साबित किया है कि वह गंभीर भूमिकाएं भी उतनी ही सहजता से निभा सकते हैं।
मिमिक्री की बारीकी: क्यों अलग हैं सुनील ग्रोवर?
सुनील ग्रोवर की मिमिक्री इसलिए अलग नजर आती है क्योंकि वह केवल आवाज़ की नकल नहीं करते। वह उस व्यक्ति की मानसिकता, सोचने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज भी आत्मसात कर लेते हैं। आमिर खान की मिमिक्री में भी यही देखने को मिला। आमिर की संजीदगी, शब्दों को चुनकर बोलने की आदत और हल्की मुस्कान इन सबको सुनील ने बड़ी बारीकी से प्रस्तुत किया।
बॉलीवुड सितारों की मिमिक्री में महारत
आमिर खान से पहले सुनील ग्रोवर अमिताभ बच्चन, शाह रुख खान, सलमान खान और अजय देवगन जैसे सुपरस्टार्स की मिमिक्री कर चुके हैं। अमिताभ बच्चन की भारी आवाज़, शाह रुख की रोमांटिक अदाएं और सलमान की दबंग शैली हर किरदार में सुनील ने अपना अलग रंग भरा। खास बात यह रही कि इन मिमिक्रीज़ को लेकर कभी किसी स्टार ने नाराज़गी नहीं जताई। उल्टा, कई सितारों ने खुले मंच से सुनील की तारीफ की।
सोशल मीडिया पर भी मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया
द कपिल शर्मा शो का यह एपिसोड ऑन एयर होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर सुनील ग्रोवर की आमिर खान मिमिक्री के क्लिप्स लाखों बार देखे गए। यूज़र्स ने लिखा कि यह मिमिक्री नहीं, बल्कि ‘लाइव परफॉर्मेंस’ लग रही थी। कई लोगों ने यह भी कहा कि आमिर खान की प्रतिक्रिया ने इस परफॉर्मेंस को और खास बना दिया।
मिमिक्री और सम्मान का संतुलन
भारतीय मनोरंजन जगत में मिमिक्री को लेकर अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि क्या यह अपमान की श्रेणी में आती है। लेकिन सुनील ग्रोवर जैसे कलाकार यह साबित करते हैं कि मिमिक्री सम्मान के साथ भी की जा सकती है। उनकी प्रस्तुति में व्यंग्य जरूर होता है, लेकिन कटाक्ष नहीं। यही कारण है कि दर्शक हंसते हैं और जिनकी नकल की जाती है, वे भी इसे दिल से स्वीकार करते हैं।
आमिर खान का आने वाला प्रोजेक्ट
इस बीच आमिर खान अपने आगामी प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा में हैं। वह 16 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘हैप्पी पटेल : खतरनाक जासूस’ में एक मेहमान भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में आमिर की मौजूदगी को एक खास सरप्राइज के तौर पर रखा गया है, जिसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।
मनोरंजन जगत में हल्की-फुल्की खुशी की जरूरत
आज के दौर में जब मनोरंजन जगत अक्सर विवादों और नकारात्मक खबरों से घिरा रहता है, ऐसे में सुनील ग्रोवर की यह मिमिक्री दर्शकों के लिए एक ताजगी भरा अनुभव साबित हुई। आमिर खान जैसे बड़े अभिनेता का खुले दिल से हंसना और तारीफ करना इस बात का संकेत है कि सच्ची कला सीमाओं में नहीं बंधती।
यादगार प्रस्तुति
सुनील ग्रोवर की आमिर खान मिमिक्री सिर्फ एक कॉमेडी एक्ट नहीं थी, बल्कि यह एक कलाकार की समझ, मेहनत और संवेदनशीलता का उदाहरण थी। जब मिमिक्री करने वाला कलाकार सामने वाले के व्यक्तित्व का सम्मान करता है, तब वही प्रस्तुति यादगार बन जाती है। आमिर खान की प्रतिक्रिया ने इस परफॉर्मेंस को और ऊंचा दर्जा दे दिया है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि हंसी, सम्मान और कला तीनों एक साथ चल सकते हैं।
Next Story


