तो इसलिए पदार्पण से पहले ही अमीषा पटेल ने अक्षय खन्ना और फरदीन खान की फिल्मों को कर दिया था इन्कार
अमीषा पटेल ने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म हिमालय पुत्र के लिए ऑफर मिला था। यह प्रस्ताव उन्हें अभिनेता विनोद खन्ना की ओर से दिया गया था, जो उस फिल्म में अपने बेटे अक्षय खन्ना को लॉन्च कर रहे थे।

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल, जिन्होंने साल 2000 में फिल्म कहो ना... प्यार है से ऋतिक रोशन के साथ अपने अभिनय करियर की शुरुआत की, ने फिल्मों में आने से पहले ही कई बड़े प्रस्ताव ठुकरा दिए थे। दिलचस्प बात यह है कि ये ऑफर अक्षय खन्ना और फरदीन खान जैसे स्थापित फिल्मी परिवारों से जुड़े अभिनेताओं के साथ थे।
पढ़ाई के चलते ठुकराए शुरुआती ऑफर
अमीषा पटेल ने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म हिमालय पुत्र के लिए ऑफर मिला था। यह प्रस्ताव उन्हें अभिनेता विनोद खन्ना की ओर से दिया गया था, जो उस फिल्म में अपने बेटे अक्षय खन्ना को लॉन्च कर रहे थे। हालांकि, उस समय अमीषा अमेरिका के बोस्टन में अपनी पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने बताया कि इस ऑफर को ठुकराने का फैसला उन्होंने नहीं, बल्कि उनके माता-पिता ने लिया था। अमीषा के अनुसार, उनके माता-पिता नहीं चाहते थे कि उनकी पढ़ाई में किसी तरह की बाधा आए।
माता-पिता ने लिया करियर से जुड़ा बड़ा फैसला
अमीषा ने कहा, “मेरे मम्मी-पापा ने मुझे बाद में बताया कि आपके लिए एक फिल्म का ऑफर आया था, लेकिन हमने उसे मना कर दिया, क्योंकि हम आपकी पढ़ाई को प्राथमिकता देना चाहते थे।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उस समय उनका झुकाव फिल्मों की ओर नहीं था। उनका ध्यान पूरी तरह अपनी शिक्षा पर केंद्रित था और उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वह अभिनय की दुनिया में कदम रखेंगी।
फरदीन खान के साथ भी मिला था मौका
हिमालय पुत्र के बाद अमीषा को एक और बड़ा मौका मिला था। फिल्मकार और अभिनेता फिरोज खान ने उन्हें अपने बेटे फरदीन खान के साथ फिल्म प्रेम अगन में काम करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उस समय भी अमीषा अपनी पढ़ाई में व्यस्त थीं। उन्होंने इस ऑफर को भी स्वीकार नहीं किया और अपने अकादमिक सफर को जारी रखा।
अकादमिक पृष्ठभूमि और करियर की दिशा
अमीषा पटेल ने बताया कि वह अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई कर रही थीं। उनका लक्ष्य फिल्म इंडस्ट्री में आना नहीं था, बल्कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती थीं। उन्होंने कहा, “मैं फिल्मों के लिए अमेरिका नहीं गई थी। मेरा पूरा ध्यान पढ़ाई पर था। फिल्मों में आना मेरे लिए एक संयोग था, कोई पहले से तय किया गया फैसला नहीं।”
‘कहो ना... प्यार है’ से बदली किस्मत
ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अमीषा पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए वापस अमेरिका जाने की तैयारी कर रही थीं, तभी उन्हें कहो ना... प्यार है का ऑफर मिला। इस बार परिस्थितियां अलग थीं और उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। यह फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई, बल्कि अमीषा पटेल और ऋतिक रोशन दोनों के करियर के लिए एक मजबूत शुरुआत भी बनी।
संयोग से बनीं स्टार
अमीषा पटेल की कहानी यह दिखाती है कि उन्होंने करियर की शुरुआत में जल्दबाजी नहीं की और सही समय का इंतजार किया। जहां कई कलाकार शुरुआत में ही बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए उत्सुक रहते हैं, वहीं अमीषा ने पहले अपनी शिक्षा को महत्व दिया। आखिरकार, उनका फिल्मों में आना एक योजनाबद्ध कदम नहीं, बल्कि एक संयोग था—लेकिन यही संयोग उन्हें हिंदी सिनेमा की सफल अभिनेत्रियों में शामिल कर गया।


