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शाहिद कपूर–विशाल भारद्वाज की जोड़ी फिर साथ, खून से सने शरीर के साथ ‘ओ रोमियो’ का पहला लुक जारी
‘ओ रोमियो’ के पहले लुक में शाहिद कपूर बेहद गंभीर और लहूलुहान अंदाज में नजर आ रहे हैं। उनका चेहरा, आंखों की तीखी भावनाएं और शरीर पर लगे जख्म इस बात का संकेत देते हैं कि फिल्म एक गहरे और तीखे भावनात्मक संसार की ओर ले जाने वाली है।

मुंबई। हिंदी सिनेमा में कुछ अभिनेता–निर्देशक जोड़ियां ऐसी होती हैं, जिनसे हर नई फिल्म के साथ उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। अभिनेता शाहिद कपूर और निर्देशक विशाल भारद्वाज की जोड़ी भी ऐसी ही मानी जाती है। कमीने, हैदर और रंगून जैसी यादगार और अलग सोच वाली फिल्मों के बाद अब यह जोड़ी चौथी बार फिल्म ‘ओ रोमियो’ के साथ लौट रही है। शुक्रवार को फिल्म का पहला लुक जारी किया गया, जिसने फिल्म को लेकर उत्सुकता और चर्चाओं को तेज कर दिया है।
खून से सना लुक, शाहिद के अवतार ने खींचा ध्यान
‘ओ रोमियो’ के पहले लुक में शाहिद कपूर बेहद गंभीर और लहूलुहान अंदाज में नजर आ रहे हैं। उनका चेहरा, आंखों की तीखी भावनाएं और शरीर पर लगे जख्म इस बात का संकेत देते हैं कि फिल्म एक गहरे और तीखे भावनात्मक संसार की ओर ले जाने वाली है। 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही इस फिल्म में शाहिद के लुक पर बारीकी से काम किया गया है।
फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह शाहिद और विशाल भारद्वाज दोनों के करियर की अब तक की सबसे साहसी और जोखिम भरी फिल्म मानी जा रही है। विशाल भारद्वाज अपने अनोखे किरदारों और गहरे मनोवैज्ञानिक ट्रीटमेंट के लिए जाने जाते हैं, और शाहिद कपूर उन कलाकारों में शामिल हैं, जो हर फिल्म में खुद को नए सिरे से ढालने से नहीं हिचकते।
पूरे शरीर पर टैटू, भारतीय सिनेमा में दुर्लभ लुक
फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा शाहिद कपूर के लुक की हो रही है। सूत्रों के अनुसार, शाहिद इस फिल्म में अपने पूरे शरीर पर टैटू के साथ नजर आएंगे। यह लुक भारतीय सिनेमा में अब तक शायद ही किसी अभिनेता ने इतने बड़े पैमाने पर अपनाया हो। इन टैटू का इस्तेमाल सिर्फ स्टाइल या दिखावे के लिए नहीं किया गया है, बल्कि यह उनके किरदार की पहचान और कहानी का अहम हिस्सा होंगे।
फिल्म की क्रिएटिव टीम ने टैटू के डिजाइन, उनके अर्थ और शरीर पर उनकी जगह को लेकर महीनों तक रिसर्च और प्लानिंग की है। हर टैटू किरदार के अतीत, उसके मानसिक संघर्ष, गुस्से और अंदर चल रही उथल-पुथल को दर्शाने का काम करेगा।
शारीरिक कायांतरण के लिए शाहिद की कड़ी मेहनत
शाहिद कपूर इस फिल्म के लिए सिर्फ लुक तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने अपने किरदार के लिए शारीरिक बदलाव पर भी जमकर मेहनत की है। बताया जा रहा है कि फिल्म में उनके किरदार की शारीरिक बनावट, चाल-ढाल और बॉडी लैंग्वेज कहानी के साथ लगातार बदलती नजर आएगी। शाहिद पहले भी हैदर और कबीर सिंह जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए शारीरिक और मानसिक स्तर पर खुद को पूरी तरह झोंक चुके हैं। ‘ओ रोमियो’ में भी उन्होंने इसी तरह की प्रतिबद्धता दिखाई है। सूत्रों का कहना है कि यह किरदार उनके अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण रोल्स में से एक होगा।
कहानी और किरदार के साथ गहराई से जुड़ा लुक
फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि शाहिद का यह लुक केवल एक विजुअल शॉक देने के लिए नहीं है। यह कहानी और किरदार की आत्मा से जुड़ा हुआ है। टैटू, जख्म और उनका रफ अंदाज, सब मिलकर एक ऐसे व्यक्ति की तस्वीर पेश करते हैं, जो भीतर से टूटा हुआ है, गुस्से से भरा है और अपने अतीत के घावों से जूझ रहा है।
विशाल भारद्वाज की फिल्मों की खासियत रही है कि उनके किरदार सिर्फ अच्छे या बुरे नहीं होते, बल्कि कई परतों में बंटे होते हैं। ‘ओ रोमियो’ में भी शाहिद का किरदार इसी जटिलता का उदाहरण बताया जा रहा है।
शाहिद–विशाल की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना
‘ओ रोमियो’ को शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज दोनों की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। अभिनय से लेकर संगीत, साज-सज्जा और सिनेमैटोग्राफी तक, फिल्म का हर विभाग पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। विशाल भारद्वाज की फिल्मों में संगीत हमेशा एक मजबूत स्तंभ रहा है और उम्मीद की जा रही है कि ‘ओ रोमियो’ में भी संगीत कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
रिलीज से पहले ही बढ़ी उम्मीदें
पहले लुक के सामने आने के बाद से ही फिल्म को लेकर दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की पिछली फिल्मों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘ओ रोमियो’ से भी दर्शक एक अलग, गहरी और सोचने पर मजबूर करने वाली सिनेमाई अनुभव की उम्मीद कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि 13 फरवरी को रिलीज होने वाली ‘ओ रोमियो’ इस जोड़ी की पिछली फिल्मों की तरह दर्शकों और आलोचकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।
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