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सनसनी फैलाना आसान इनाम की तरह : कोंकणा सेन शर्मा

नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा ने सनसनी फैलाने को 'बहुत आसान इनाम' करार दिया है। हाल ही में रिलीज हुई स्ट्रीमिंग फिल्म ‘एक्यूज्ड’ में अपने दमदार अभिनय के लिए चर्चा बटोर रही कोंकणा ने फिल्म के प्रमोशन के दौरान आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह फिल्म सनसनी से पूरी तरह दूर है।

सनसनी फैलाना आसान इनाम की तरह : कोंकणा सेन शर्मा
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मुंबई। नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा ने सनसनी फैलाने को 'बहुत आसान इनाम' करार दिया है। हाल ही में रिलीज हुई स्ट्रीमिंग फिल्म ‘एक्यूज्ड’ में अपने दमदार अभिनय के लिए चर्चा बटोर रही कोंकणा ने फिल्म के प्रमोशन के दौरान आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह फिल्म सनसनी से पूरी तरह दूर है।

‘एक्यूज्ड’ में कोंकणा और प्रतिभा रांता मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी है, जिस पर एक विक्टिम के यौन उत्पीड़न का आरोप लगता है। कोंकणा ने बताया, “सनसनी फैलाना बहुत आसान इनाम की तरह है। यह बहुत जल्दी आने वाला और आसान इनाम है, एक जल्दी आने वाला नया साइकिल है। लेकिन हम असल में ऐसा नहीं देख रहे हैं। हम एक्यूज्ड को एक ऐसी फिल्म के तौर पर देख रहे हैं जिसमें बहुत सारी बारीकियां और गहराई है। यह आसान जवाबों से दूर है, यानी इसमें गहराई है।”

उन्होंने आगे समझाया, "फिल्म एक्यूज्ड असल में पावर और इंसानी रिश्तों की खोज है। जब किसी रिश्ते पर इस तरह के इल्जाम लगते हैं, तो उसका क्या होता है? रिश्ता कैसे टूटता है? कैसे जुड़ता है? और पावर में रहने वाली एक महिला के प्रति, हमारे मन में पहले से क्या पॉजिटिव या नेगेटिव बायस हैं? ये बायस हमारे जजमेंट को कैसे प्रभावित करते हैं? फिल्म इन सवालों को गहराई से उठाती है।”

27 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज ‘एक्यूज्ड’ एक ऐसी महिला की कहानी है, जिस पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगता है। कोंकणा ने बातचीत में कहा कि यह स्क्रिप्ट आम धारणा को पूरी तरह पलट देने वाली है। उन्होंने बताया, “हम ज्यादातर समय महिलाओं को पीड़ित या सर्वाइवर के रूप में देखते हैं, आरोपी के रूप में बहुत कम। आंकड़ों के अनुसार अपराध ज्यादातर पुरुष करते हैं, यह सच है, लेकिन महिलाएं भी ऐसा कर सकती हैं और ऐसा होता भी है।”

कोंकणा ने आगे कहा कि इस फिल्म का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि यह उन अनकही कहानियों पर प्रकाश डालती है, जिन्हें हम आमतौर पर नजरअंदाज कर देते हैं। फिल्म में कार्यस्थल पर महिलाओं के बीच पावर डायनामिक्स, दो महिलाओं के रिश्ते में सत्ता का खेल और उम्र का बड़ा अंतर दिखाया गया है। यह एक ऐसी कहानी है जो सिक्के के दूसरे पहलू को दिखाती है। यहां आरोपी महिला है और पीड़ित भी महिला। दोनों के बीच उम्र का फर्क, नौकरी का स्वरूप और रिश्ते की जटिलता ये सब चीजें हैं, जो दर्शकों के सामने हमारे पूर्वाग्रहों को लाती हैं।


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