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राजपाल यादव के समर्थन में सलमान, अजय देवगन समेत कई सितारे मदद को आगे आए; जल्द हो सकते हैं रिहा
राजपाल यादव के 25 वर्षों से मैनेजर रहे गोल्डी जैन ने बताया कि उद्योग के कई बड़े नाम उनकी सहायता के लिए आगे आए हैं। गोल्डी जैन ने कहा, “कई लोग राजपाल यादव की मदद के लिए सामने आए हैं। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे अभिनेता उनकी वित्तीय मदद के लिए खड़े हुए हैं।

नई दिल्ली। नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट मामले में तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता और मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव के समर्थन में बॉलीवुड एकजुट होता नजर आ रहा है। तिहाड़ जेल में पिछेले दिनों सरेंडर कर चुके राजपाल यादव गुरुवार को रिहा हो सकते हैं। सलमान खान, अजय देवगन, फिल्म निर्माता डेविड धवन और उनके पुत्र अभिनेता वरुण धवन सहित कई प्रमुख हस्तियों ने उनकी आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआइसीई) ने भी फिल्म और टीवी उद्योग से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में राजपाल यादव की सहायता करें।
कई सितारों ने बढ़ाया मदद का हाथ
राजपाल यादव के 25 वर्षों से मैनेजर रहे गोल्डी जैन ने बताया कि उद्योग के कई बड़े नाम उनकी सहायता के लिए आगे आए हैं। गोल्डी जैन ने कहा, “कई लोग राजपाल यादव की मदद के लिए सामने आए हैं। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे अभिनेता उनकी वित्तीय मदद के लिए खड़े हुए हैं। वे सभी राजपाल भाई के शुभचिंतक हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जमानत पर सुनवाई जल्द होने वाली है और अगर सब कुछ ठीक रहा तो मीडिया से बातचीत की जाएगी। 'अच्छी बात ये है कि उनकी स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री ने चट्टान की तरह उनका साथ दिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।' उन्होंने बताया कि घर में सभी चाह रहे हैं कि राजपाल तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वो गुरुवार तक रिहा हो जाएंगे।
गायक मीका सिंह ने भी राजपाल यादव को 11 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “राजपाल जी, मैं आपके साथ खड़ा हूं। आपने सबको हंसाया है और अब हमारी बारी है। मैं फिल्म इंडस्ट्री से अपील करता हूं कि सब मिलकर मदद करें। हम एक परिवार हैं।” इससे पहले अभिनेता सोनू सूद, जैम म्यूजिक के प्रोड्यूसर इंद्रजीत सिंह और तेज प्रताप यादव सहित कई लोग भी सहायता के लिए आगे आए थे।
एफडब्ल्यूआइसीई की अपील
एफडब्ल्यूआइसीई ने निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों, तकनीशियनों, विभिन्न संघों और शुभचिंतकों से अपील की है कि वे राजपाल यादव की देनदारियों के भुगतान और उनकी रिहाई के लिए सहयोग करें। संघ ने कहा है कि इच्छुक लोग सीधे अभिनेता को या फिर एफडब्ल्यूआइसीई के माध्यम से सहायता राशि दे सकते हैं। संगठन का कहना है कि फिल्म उद्योग को अपने साथियों के मुश्किल समय में एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद आत्मसमर्पण
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव को तिहाड़ जेल जाना पड़ा। चार फरवरी को हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में धन की व्यवस्था के लिए और समय देने की उनकी अंतिम याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि अभिनेता बिना किसी देरी के आत्मसमर्पण करें। इसके बाद पांच फरवरी को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। इस फैसले के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई और कई लोग उनके समर्थन में खुलकर सामने आए।
पत्नी राधा ने जताया आभार
राजपाल यादव की पत्नी राधा ने फिल्म उद्योग का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “सब लोग उनके साथ खड़े हैं। फिल्म उद्योग ने बहुत सहयोग किया है। जो भी मदद के लिए आगे आ रहे हैं, हम सबका बहुत धन्यवाद करते हैं।” राधा ने उम्मीद जताई कि कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द ही राहत मिलेगी।
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब राजपाल यादव ने फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से पांच करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इसके बाद वे उधार ली गई राशि समय पर नहीं चुका सके। उन्होंने जो सात चेक दिए थे, वे भी बाउंस हो गए। इस पर संबंधित फर्म ने उनके खिलाफ चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट का मामला दर्ज कराया। कानूनी कार्रवाई के तहत 2018 में उन्हें छह महीने की सजा भी सुनाई गई थी और वे कुछ समय जेल में रहे। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन केस चलता रहा। समय के साथ मूल पांच करोड़ रुपये की राशि ब्याज सहित बढ़कर करीब नौ करोड़ रुपये हो गई। हाल में हाई कोर्ट ने उन्हें और राहत देने से इनकार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ा।
उद्योग में सहानुभूति की लहर
राजपाल यादव लंबे समय से हिंदी फिल्म उद्योग का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। उन्होंने पिछले दो दशकों में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया। फिल्म जगत के कई लोगों का मानना है कि भले ही मामला कानूनी है, लेकिन एक कलाकार के तौर पर उन्होंने इंडस्ट्री को काफी योगदान दिया है। ऐसे में कठिन समय में उनका साथ देना मानवीय जिम्मेदारी है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक लेनदेन और चेक बाउंस के मामलों में अदालत के आदेशों का पालन अनिवार्य होता है और न्यायिक प्रक्रिया अपने तय नियमों के तहत चलती है।
मिल सकती है राहत
अब सभी की निगाहें आगामी कानूनी कार्यवाही और संभावित जमानत सुनवाई पर टिकी हैं। यदि आवश्यक धनराशि की व्यवस्था हो जाती है और अदालत संतुष्ट होती है तो राजपाल यादव को जल्द राहत मिल सकती है। फिलहाल, बॉलीवुड का एक बड़ा वर्ग उनके समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है। यह देखना अहम होगा कि कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या उद्योग की सामूहिक पहल अभिनेता की रिहाई का मार्ग प्रशस्त कर पाती है।
राहत की उम्मीद
नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट मामले में तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिल रही है। जहां एक ओर अदालत की प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर साथी कलाकार और संगठनों का समर्थन उनके लिए राहत की उम्मीद बनकर सामने आया है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और फिल्मी दोनों ही मोर्चों पर चर्चा का केंद्र बना रहेगा।
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