बच्चों को घर पर छोड़कर बाहर जाना बेहद मुश्किल काम, 'मम्मा आ जाओ' सुनकर टूट जाता है दिल : रुबीना दिलैक
अभिनेत्री रुबीना दिलैक मां बनने के बाद करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से जूझ रही हैं। उन्हें प्रोजेक्ट के काम से अक्सर घर से दूर जाना पड़ता है। इस बीच रुबीना ने अपने जुड़वां बच्चों से दूर रहने की भावनात्मक पीड़ा पर बात की। उन्होंने बताया कि बच्चों को घर पर छोड़कर जाना या उनसे दूर रहना बेहद मुश्किल काम है।

मुंबई। अभिनेत्री रुबीना दिलैक मां बनने के बाद करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से जूझ रही हैं। उन्हें प्रोजेक्ट के काम से अक्सर घर से दूर जाना पड़ता है। इस बीच रुबीना ने अपने जुड़वां बच्चों से दूर रहने की भावनात्मक पीड़ा पर बात की। उन्होंने बताया कि बच्चों को घर पर छोड़कर जाना या उनसे दूर रहना बेहद मुश्किल काम है।
रुबीना वर्तमान में रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड रियलिटी टीवी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में हैं।
आईएएनएस के साथ बातचीत में रुबीना ने बताया कि जब वह काम के सिलसिले में बाहर होती हैं तो वीडियो कॉल पर उनकी बेटियां रोते हुए "मम्मा आ जाओ, मम्मा आ जाओ" कहती हैं, जिसे सुनकर उनका दिल टूट जाता है। रुबीना भावुक होते हुए बोलीं, "वीडियो कॉल तो होते रहते हैं, लेकिन शारीरिक अपनापन नहीं मिल पाता। उनकी वह आवाज सुनकर मेरा दिल पसीज जाता है।"
रुबीना ने माना कि वह अभी भी यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि मां बनने और करियर के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मैं इन दोनों के बीच संतुलन कैसे बना पाऊंगी। मैं पूरी तरह तैयार भी नहीं हूं। असल में कोई भी आपको मां बनने के लिए पहले से तैयार नहीं करता। यह मेरी ही नहीं बल्कि हर कामकाजी मां की चुनौती है।"
भावनात्मक मुश्किलों के बावजूद रुबीना काम से जुड़े सपने को छोड़ना नहीं चाहतीं। उन्होंने बताया, "इसका मतलब यह नहीं कि हम बड़े सपने देखना बंद कर दें। मैं अपने परिवार को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती हूं और अपनी बेटियों को यह एहसास दिलाना चाहती हूं कि उनकी मम्मा ने अपने सपनों को उनके साथ रहते हुए ही पूरा किया।"
'खतरों के खिलाड़ी 15' के 40 दिनों के शेड्यूल के बारे में बात करते हुए रुबीना ने स्वीकार किया कि मां होने का एहसास हमेशा उनकी भावनात्मक कमजोरी बनेगा। उन्होंने कहा, "मां बनने के बाद कुदरत आपको बहुत ज्यादा सतर्क कर देता है। यह सुरक्षा का भाव कभी-कभी आपके खिलाफ भी काम कर सकता है। शो में दूसरों के लिए खतरे शारीरिक होंगे, लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती भावनाओं पर काबू पाना होगा।"


