जन्मतिथि ने बदल दी किस्मत! रकुल प्रीत सिंह को ऐसे मिली पहली फिल्म
रकुल प्रीत सिंह ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि स्कूल के समय से ही उनकी रुचि मॉडलिंग में थी। हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि वह पहले वयस्क हो जाएं और उसके बाद ही इस क्षेत्र में कदम रखें।

मुंबई: बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अभिनय उनका करियर बनेगा। शुरुआत में उनका सपना मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखने का था, लेकिन एक अप्रत्याशित संयोग ने उन्हें फिल्मों तक पहुंचा दिया। रकुल के अनुसार, उनकी पहली कन्नड़ फिल्म गिल्ली उन्हें किसी ऑडिशन या लंबे संघर्ष के बाद नहीं, बल्कि उनकी जन्मतिथि देखकर ऑफर की गई थी। यही मौका उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
18 साल की होते ही कराया पहला फोटोशूट
रकुल प्रीत सिंह ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि स्कूल के समय से ही उनकी रुचि मॉडलिंग में थी। हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि वह पहले वयस्क हो जाएं और उसके बाद ही इस क्षेत्र में कदम रखें। उन्होंने बताया कि जैसे ही वह 18 वर्ष की हुईं, कुछ ही दिनों बाद उन्होंने अपना पहला पेशेवर फोटोशूट कराया। यही तस्वीरें एक प्रोडक्शन हाउस तक पहुंचीं और वहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।
जन्मतिथि देखकर मिला फिल्म का प्रस्ताव
रकुल ने बताया कि जब प्रोडक्शन हाउस ने उनका पोर्टफोलियो देखा तो उन्होंने उनके पिता से संपर्क किया और फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया। उस समय वह कॉलेज के पहले वर्ष में थीं और गणित विषय से स्नातक की पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि पढ़ाई के साथ फिल्मों के लिए समय निकालना मुश्किल होगा। तभी निर्माताओं ने उनसे कहा कि उन्होंने उनकी जन्मतिथि देखकर अनुमान लगाया है कि वह भविष्य में बड़ी स्टार बन सकती हैं और इसलिए वे उन्हें लॉन्च करना चाहते हैं। रकुल ने मुस्कुराते हुए कहा कि उस समय उन्हें लगा कि इतने भरोसे के साथ बात करने वाले लोगों के साथ काम करना चाहिए और उन्होंने फिल्म के लिए हामी भर दी।
पहली फीस से कार खरीदने का था सपना
रकुल प्रीत सिंह ने खुलासा किया कि पहली फिल्म के लिए उन्हें पांच लाख रुपये पारिश्रमिक मिला था। उस समय यह रकम उनके लिए बेहद बड़ी थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहली सोच यह थी कि इस पैसे से वह अपने दोस्तों के बीच सबसे पहले कार खरीदेंगी। यही आर्थिक आकर्षण शुरुआती दौर में फिल्म स्वीकार करने की एक बड़ी वजह बना। लेकिन शूटिंग शुरू होने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई।
40 दिन की शूटिंग ने बदल दी सोच
रकुल ने कहा कि गिल्ली की लगभग 40 दिनों की शूटिंग के दौरान उन्होंने फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा। कैमरे के सामने अभिनय करना, अलग-अलग दृश्यों को निभाना और पूरी टीम के साथ काम करने का अनुभव उनके लिए बिल्कुल नया था। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि अभिनय केवल एक पेशा नहीं, बल्कि उनका वास्तविक जुनून है। शूटिंग खत्म होते-होते उन्होंने तय कर लिया कि वह भविष्य में अभिनय को ही अपना स्थायी करियर बनाएंगी।
पढ़ाई पूरी करने के बाद किया फिल्मों में लौटने का फैसला
हालांकि पहली फिल्म के बाद रकुल ने तुरंत फिल्मों की ओर रुख नहीं किया। उन्होंने पहले अपनी शिक्षा पूरी करने को प्राथमिकता दी। गणित में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उन्होंने दोबारा फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की। उन्होंने बताया कि इसी कारण उनकी पहली फिल्म और अगली फिल्मों के बीच कुछ समय का अंतर रहा। वर्ष 2013 में उन्होंने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की और इसके बाद लगातार सफल फिल्मों का हिस्सा बनती चली गईं।
आज कई भाषाओं की सफल अभिनेत्री हैं रकुल
रकुल प्रीत सिंह आज हिंदी, तेलुगु, तमिल और कन्नड़ सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने अपने करियर में कई सफल फिल्मों में काम किया है और अपनी सहज अभिनय शैली के दम पर अलग पहचान बनाई है। रकुल की यह कहानी बताती है कि कई बार जीवन की सबसे बड़ी सफलताएं योजनाबद्ध नहीं होतीं, बल्कि संयोग से मिलने वाले अवसरों से जन्म लेती हैं। एक साधारण फोटोशूट, जन्मतिथि को लेकर निर्माता का विश्वास और पहली फिल्म का अनुभव—इन सभी ने मिलकर एक ऐसी अभिनेत्री की नींव रखी, जिसने आज भारतीय फिल्म उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बना ली है।


