Top
Begin typing your search above and press return to search.

माइक्रो ड्रामा की दुनिया में कदम रखेंगे रजनीश दुग्गल, 'तुझे भुला दिया' में दिखेगा भावनाओं का समंदर

हिंदी फिल्मों और टेलीविजन इंडस्ट्री में अभिनय से अपनी पहचान बनाने के बाद अभिनेता रजनीश दुग्गल अब माइक्रो ड्रामा सीरीज में हाथ आजमाने जा रहे हैं

माइक्रो ड्रामा की दुनिया में कदम रखेंगे रजनीश दुग्गल, तुझे भुला दिया में दिखेगा भावनाओं का समंदर
X

मुंबई। हिंदी फिल्मों और टेलीविजन इंडस्ट्री में अभिनय से अपनी पहचान बनाने के बाद अभिनेता रजनीश दुग्गल अब माइक्रो ड्रामा सीरीज में हाथ आजमाने जा रहे हैं। अभिनेता जल्द ही माइक्रो ड्रामा सीरीज 'तुझे भुला दिया' में नजर आएंगे।

उन्होंने सीरीज में अपने किरदार और बदलते सिनेमा को लेकर चर्चा की।

रजनीश ने बताया कि यह शो भावनाओं का एक गहरा समंदर है। सीरीज की कहानी बेहद इमोशनल है। इसमें मेरा किरदार एक ऐसे व्यक्ति का है, जो स्वभाव से काफी भावुक है। वह एक पिता और पति दोनों है। इस शो में दर्शकों को मानवीय रिश्तों के कई रंग देखने को मिलेंगे। इसमें सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि धोखा, विश्वासघात और कई छिपे हुए सच भी शामिल हैं। कहानी का ताना-बाना इस तरह बुना गया है कि दर्शक अंत तक सस्पेंस में बने रहेंगे।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह माइक्रो-ड्रामा सीरीज से अनजान थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों की रिसर्च ने उनकी आंखें खोल दीं। मैंने देखा कि हॉलीवुड, यूरोप और खासकर कोरियन मार्केट में माइक्रो-ड्रामा का बाजार अरबों डॉलर कमा रहा है। एक एक्टर के तौर पर मेरा मानना है कि मुझे वहां होना चाहिए, जहां दर्शक हैं। आज के समय में इस माध्यम की पहुंच और दर्शकों की संख्या अविश्वसनीय रूप से बढ़ रही है। माइक्रो-ड्रामा के लिए कलाकारों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना पड़ता है। प्रभावशाली निर्देशन के जरिए कम समय और सीमित संसाधनों में ऐसी कहानी बुननी होती है, जो दर्शकों को अगले एपिसोड को देखने के लिए मजबूर कर दे।

अभिनेता ने बताया, "जेनजी का अटेंशन स्पैन बहुत कम हो गया है। मैं जब भी जेनजी के आसपास होता हूं, तो वे हर समय अपने फोन में ही व्यस्त रहते हैं। हर कोई लगातार फोन पर कुछ न कुछ स्क्रॉल करता रहता है। मूल रूप से उनका ध्यान किसी एक चीज पर दो, तीन या ज्यादा से ज्यादा चार मिनट से ज्यादा समय तक टिक ही नहीं पाता। तो इसलिए, कहानी में कोई खास बात होनी चाहिए, जिसे आप चुनें। मुझे लगता है कि थ्रिलर कहानियों में या फिर इमोशनल-रोमांटिक फिल्मों में ऐसी बातें होती हैं। ये ऐसी जगहें हैं जो दर्शकों को लंबे समय तक बांधकर रख सकती हैं। चाहे शो 60 मिनट का हो या 90 मिनट का।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it