विश्व संगीत दिवस पर बादशाह बोले- संगीत सीमाओं को नहीं मानता, हर कलाकार की होती है अपनी अलग पहचान
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध रैपर और गायक बादशाह ने संगीत की शक्ति और उसकी स्वतंत्रता पर अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि संगीत किसी कलाकार को सीमाओं में नहीं बांधता, बल्कि उसे अपनी पहचान और भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने का अवसर देता है।

मुंबई: विश्व संगीत दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध रैपर और गायक बादशाह ने संगीत की शक्ति और उसकी स्वतंत्रता पर अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि संगीत किसी कलाकार को सीमाओं में नहीं बांधता, बल्कि उसे अपनी पहचान और भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने का अवसर देता है। बादशाह के अनुसार, हर कलाकार की अपनी एक अलग आवाज और शैली होती है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। इन दिनों रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ में बतौर जज नजर आ रहे बादशाह का कहना है कि संगीत ने उन्हें कभी किसी तय दायरे में रहने के लिए मजबूर नहीं किया। यही वजह है कि उन्होंने हमेशा अपने तरीके से संगीत को जिया और प्रयोगों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
‘मैं कभी किसी तय खांचे में फिट नहीं हुआ’
बादशाह का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में कभी खुद को किसी एक शैली या परंपरा तक सीमित नहीं रखा। उनके अनुसार, संगीत का असली उद्देश्य लोगों के दिलों तक पहुंचना और भावनाओं को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संगीत की कई विधाएं और शैलियां होती हैं, और हर शैली अपनी एक अलग कहानी कहती है। किसी कलाकार को किसी एक खांचे में बांधना उसकी रचनात्मकता को सीमित कर सकता है। इसलिए संगीत के क्षेत्र में विविधता और नए प्रयोगों का स्वागत किया जाना चाहिए।
हर कलाकार की आवाज खास होती है
विश्व संगीत दिवस के महत्व पर बात करते हुए बादशाह ने कहा कि यह दिन हमें अपनी कला और अपनी पहचान का उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है। उनके मुताबिक, हर कलाकार के पास कुछ अलग कहने और महसूस कराने की क्षमता होती है, इसलिए उसकी विशिष्टता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों को जोड़ने और भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे प्रभावशाली जरिया भी है। यही वजह है कि संगीत की दुनिया में हर आवाज की अपनी अहमियत होती है।
नई प्रतिभाओं को मंच देना भी जरूरी
बादशाह केवल एक सफल गायक और रैपर ही नहीं, बल्कि नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के समर्थक भी हैं। ‘इंडियन आइडल 16’ के मंच का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम सिर्फ प्रतिभाओं की खोज नहीं करते, बल्कि उन्हें दुनिया के सामने अपनी क्षमता दिखाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई प्रतिभाशाली कलाकारों को ऐसे मंचों के माध्यम से अपने सपनों को साकार करते देखा है। उनके अनुसार, संगीत की सबसे बड़ी ताकत यही है कि यह आत्मविश्वास पैदा करता है और लोगों को अपनी पहचान बनाने का अवसर देता है।
जुनून सबसे बड़ी पूंजी है
बादशाह का मानना है कि संगीत की दुनिया में किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि या उसका स्थान ज्यादा मायने नहीं रखता। महत्वपूर्ण यह है कि उसके भीतर संगीत के प्रति कितना समर्पण और जुनून है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के भीतर सीखने और आगे बढ़ने की चाह है, तो संगीत उसे आगे बढ़ने का रास्ता जरूर देता है। यही कारण है कि आज छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों से भी कई प्रतिभाशाली कलाकार सामने आ रहे हैं और अपनी पहचान बना रहे हैं।
भारतीय संगीत का भविष्य प्रयोगों से भरा हुआ
भारतीय संगीत के भविष्य को लेकर बादशाह काफी आशावादी नजर आए। उन्होंने कहा कि देश का संगीत उद्योग तेजी से बदल रहा है और कलाकार नए-नए प्रयोग करने से नहीं डर रहे हैं। अलग-अलग शैलियों का मेल, आधुनिक तकनीक का उपयोग और वैश्विक स्तर पर भारतीय संगीत की बढ़ती लोकप्रियता इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। उनका मानना है कि आने वाले समय में भारतीय संगीत केवल उज्ज्वल ही नहीं, बल्कि और अधिक साहसी और रचनात्मक भी होगा। कलाकार लगातार नई धुनों, नए विचारों और अलग-अलग संगीत शैलियों के साथ प्रयोग कर रहे हैं, जिससे भारतीय संगीत की पहचान दुनिया भर में और मजबूत हो रही है।
संगीत लोगों को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर बादशाह का संदेश यही है कि संगीत किसी सीमा, भाषा या संस्कृति का मोहताज नहीं होता। यह लोगों को जोड़ने, भावनाओं को व्यक्त करने और नई संभावनाओं के द्वार खोलने का माध्यम है। उनके अनुसार, हर कलाकार को अपनी पहचान और अपनी आवाज पर गर्व करना चाहिए, क्योंकि यही संगीत की सबसे बड़ी खूबसूरती है।


