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डांस आइकन बनीं, एक्टर नहीं: मलाइका अरोड़ा ने बताया क्यों नहीं चुना अभिनय का रास्ता

मलाइका ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनय ने उन्हें कभी उस तरह आकर्षित नहीं किया, जैसे कई कलाकारों को करता है। उन्होंने कहा कि“मैंने कभी वह शिद्दत महसूस नहीं की कि मुझे एक्टर ही बनना है

डांस आइकन बनीं, एक्टर नहीं: मलाइका अरोड़ा ने बताया क्यों नहीं चुना अभिनय का रास्ता
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मुंबई। ‘छैय्या छैय्या…’ से लेकर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ तक, अपने आइटम नंबरों से हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाने वाली मलाइका अरोड़ा को करियर के शुरुआती दौर में अभिनय के कई मौके मिले। इसके बावजूद उन्होंने कभी फिल्मों में बतौर अभिनेत्री लंबी पारी खेलने की कोशिश नहीं की। अब मलाइका ने खुद इसके पीछे की वजह का खुलासा किया है और साफ कहा है कि अभिनय का पेशा उनके लिए था ही नहीं। मलाइका का कहना है कि अभिनय के लिए जिस सबसे बुनियादी चीज की जरूरत होती है-डायलॉग याद रखना वही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इसी कारण उन्होंने बहुत पहले यह फैसला कर लिया था कि वह एक्टिंग की दुनिया में कदम नहीं रखेंगी।

“मुझे स्क्रिप्ट की लाइनें याद ही नहीं रहती थीं”

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में मलाइका अरोड़ा ने खुलकर अपनी झिझक और डर के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “मुझे स्क्रिप्ट की लाइनें ही याद नहीं होती थीं। अभिनय के लिए यह सबसे जरूरी चीज है। मुझे हमेशा इस बात का डर रहता था कि मैं डायलॉग भूल जाऊंगी।” मलाइका ने यह भी स्वीकार किया कि भले ही उन्होंने स्कूल और कॉलेज के दिनों में कई नाटक किए हों, लेकिन याद रखने की समस्या उनके साथ हमेशा रही। उन्होंने कहा, मैंने थिएटर किया है, नाटक किए हैं, लेकिन याद रखना मेरे लिए कभी आसान नहीं रहा। यही वजह है कि मैंने बहुत पहले समझ लिया था कि एक्टिंग मेरे लिए नहीं है।

अभिनय से नहीं था भावनात्मक जुड़ाव

मलाइका ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनय ने उन्हें कभी उस तरह आकर्षित नहीं किया, जैसे कई कलाकारों को करता है। उन्होंने कहा कि“मैंने कभी वह शिद्दत महसूस नहीं की कि मुझे एक्टर ही बनना है। कुछ लोग बचपन से जानते हैं कि उन्हें अभिनय करना है, लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं था। उनके मुताबिक, जब किसी पेशे के लिए भीतर से खिंचाव न हो, तो उसमें लंबे समय तक टिक पाना मुश्किल होता है। यही कारण है कि उन्होंने अपने करियर को डांस और परफॉर्मेंस तक ही सीमित रखा।

‘छैय्या छैय्या…’ से बदली किस्मत

मलाइका अरोड़ा का नाम आज भी जब लिया जाता है, तो सबसे पहले जुबान पर आता है- ‘छैय्या छैय्या…’। 1998 में आई मणिरत्नम की फिल्म दिल से का यह गाना न केवल सुपरहिट हुआ, बल्कि मलाइका को रातोंरात स्टार बना गया। इस गाने को लेकर मलाइका ने एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग से पहले उन्हें यह तक नहीं पता था कि गाना ट्रेन की छत पर फिल्माया जाएगा। उन्होंने कहा, “मुझे बस इतना बताया गया था कि यह एक बड़ा गाना है, शाह रुख खान होंगे, कई डांसर्स होंगे। मैं बहुत उत्साहित थी।

ट्रेन की छत पर शूटिंग


जब मलाइका सेट पर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि पूरा गाना चलती ट्रेन की छत पर शूट होना है। उन्होंने याद करते हुए बताया, गाना ट्रेन पर शूट हो रहा था। रास्ते में जब कोई पुल आता था, तो हमें तुरंत बैठ जाना पड़ता था । सुरक्षा के लिहाज से सभी कलाकारों को रस्सियों से बांधा गया था। इसके बावजूद मलाइका कहती हैं कि उस वक्त उन्हें डर नहीं लगा। उन्होंने कहा, मैं नई थी, शायद इसलिए डर महसूस ही नहीं हुआ। सेट पर लोग मेरा बहुत ख्याल रखते थे।

एक हफ्ते में पूरा हुआ शूट

आज जिस गाने को भारतीय सिनेमा का आइकॉनिक डांस नंबर माना जाता है, उसकी शूटिंग महज एक हफ्ते में पूरी हो गई थी। मलाइका ने कहा, अब सोचती हूं तो लगता है कि मैं कितने कमाल के गाने का हिस्सा थी, लेकिन उस वक्त इसका अंदाजा नहीं था। कुछ साल बीतने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि ‘छैय्या छैय्या…’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उनके करियर की पहचान बन चुका है।

डांस बना पहचान, वही बना जुनून

‘छैय्या छैय्या…’ की सफलता के बाद मलाइका को यह साफ समझ आ गया कि उनका असली हुनर और आराम का क्षेत्र डांस ही है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उस गाने के बाद मैं मजाक में कहती थी- ले चलो मुझे, नचवाओ, गाना बजाओ और मैं डांस करूंगी। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट आइटम नंबर दिए-‘मुन्नी बदनाम हुई’, ‘अनारकली डिस्को चली’, ‘माही वे’ जैसे गानों ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे चर्चित डांसर बना दिया।

अलग राह, लेकिन संतोष पूरा


मलाइका अरोड़ा मानती हैं कि हर किसी को वही करना चाहिए, जिसमें वह सहज हो। उन्होंने कहा कि मैंने कभी यह महसूस नहीं किया कि मैंने अभिनय नहीं किया, तो कुछ खो दिया। मुझे जो करना था, वह मैंने किया और मुझे उसमें खुशी मिली। आज मलाइका एक सफल डांसर, मॉडल, टीवी जज और फिटनेस आइकन के तौर पर पहचानी जाती हैं। अभिनय को ठुकराने का उनका फैसला भले ही अलग रहा हो, लेकिन उसी फैसले ने उन्हें वह पहचान दी, जिसके लिए वह आज जानी जाती हैं।

सफलता का एक ही रास्ता नहीं


मलाइका अरोड़ा की कहानी यह दिखाती है कि बॉलीवुड में सफलता का एक ही रास्ता नहीं होता। किसी के लिए अभिनय जुनून हो सकता है, तो किसी के लिए डांस। मलाइका ने अपनी सीमाओं को पहचाना, अपने डर को स्वीकार किया और उसी दिशा में आगे बढ़ीं, जहां वह सबसे ज्यादा सहज थीं। शायद यही वजह है कि आज भी ‘छैय्या छैय्या…’ बजते ही उनके नाम की गूंज अपने आप सुनाई देने लगती है।


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