राघव चड्ढा के BJP में जाने पर भड़कीं कुनिका सदानंद, बोलीं- ‘क्या युवाओं में वफादारी खत्म हो रही है?’
अपने बयान में कुनिका सदानंद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की राजनीतिक पसंद को जज करना नहीं है, बल्कि उन्हें जिस तरीके से यह बदलाव किया गया, उससे आपत्ति है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पार्टी बदलने का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे जो रणनीति और ‘चालाकी’ दिखाई दे रही है, वह उन्हें परेशान कर रही है।

मुंबई: बॉलीवुड और राजनीति का रिश्ता हमेशा से चर्चा और विवादों से भरा रहा है। इन दिनों इस कड़ी में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जिसमें अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा और उनके पति, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सुर्खियों में हैं। राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के फैसले ने सियासी हलकों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर अब कई कलाकार अपनी राय खुलकर सामने रख रहे हैं।
कुनिका सदानंद का तीखा बयान
‘बिग बॉस 19’ की कंटेस्टेंट और जानी-मानी अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने इस घटनाक्रम पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कुनिका ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनके पास इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह राघव चड्ढा को एक भरोसेमंद और सकारात्मक सोच वाले इंसान के रूप में देखती थीं। इतना ही नहीं, जब उन्होंने परिणीति चोपड़ा से शादी की थी, तब भी वह उनके लिए बेहद खुश थीं और उन्हें एक ईमानदार और साफ-सुथरा व्यक्ति मानती थीं।
I am at a loss for words, this man @raghav_chadha , was such a credible person in my eyes, i always thought he has a positive vibration, and was so correct. in fact when he married the lovely @ParineetiChopra i was so happy for her that she has found a promising, honest, clean… https://t.co/8LlMhv7pGV
— Kunickaa Sadanand (@Kunickaa) April 25, 2026
‘तरीके’ पर उठाए सवाल
अपने बयान में कुनिका सदानंद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की राजनीतिक पसंद को जज करना नहीं है, बल्कि उन्हें जिस तरीके से यह बदलाव किया गया, उससे आपत्ति है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पार्टी बदलने का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे जो रणनीति और ‘चालाकी’ दिखाई दे रही है, वह उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने यह भी लिखा कि जिस पार्टी ने राघव चड्ढा को पहचान दी, उनके प्रति इस तरह का व्यवहार निराशाजनक है। कुनिका ने आम आदमी पार्टी के लिए भी सहानुभूति जताई और कहा कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम से दुख हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस फैसले के पीछे और भी कारण हो सकते हैं, जो फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
युवा पीढ़ी पर उठाया बड़ा सवाल
कुनिका सदानंद ने अपने पोस्ट के अंत में एक बड़ा और संवेदनशील सवाल उठाया, जिसने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया। उन्होंने पूछा कि क्या आज के समय में युवाओं के भीतर ‘वफादारी’ जैसी भावना खत्म होती जा रही है? क्या अब ऐसे नेता नहीं बचे, जिन पर आंख बंद करके भरोसा किया जा सके? उनके इस सवाल ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है और सोशल मीडिया पर इस पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत राय मानकर नजरअंदाज कर रहे हैं।
राघव चड्ढा का बड़ा सियासी कदम
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया था। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उनके साथ ही कई अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इन नेताओं में स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, बलबीर सिंह और विक्रमजीत सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इस सामूहिक कदम को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कुनिका सदानंद के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स उनके विचारों से सहमत नजर आए, जबकि कुछ ने इसे राजनीति और व्यक्तिगत फैसलों का मिश्रण बताते हुए संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। यह साफ है कि राघव चड्ढा का यह फैसला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर भी असर डाल रहा है। खासकर युवा वर्ग और मनोरंजन जगत के लोगों की प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत देती हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी चर्चा में बना रहेगा।


