‘कभी अलविदा ना कहना’ को लेकर करण जौहर का बड़ा एलान, फिल्म की स्क्रीनिंग की घटना को किया याद
कभी अलविदा ना कहना साल 2006 में रिलीज हुई थी और उस समय यह फिल्म काफी चर्चा में रही थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसकी कहानी को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की राय बंटी हुई थी।

मुंबई: बॉलीवुड में इन दिनों फिल्मों को वेब सीरीज में बदलने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब फिल्मकार करण जौहर ने अपनी चर्चित फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को वेब सीरीज के रूप में पेश करने का ऐलान किया है। करण ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस प्रोजेक्ट का खुलासा किया और बताया कि फिल्म की कहानी को अब एक लंबे फॉर्मेट में विस्तार दिया जाएगा।
करण जौहर का बड़ा ऐलान
जब करण जौहर से पूछा गया कि क्या वह अपनी किसी फिल्म को वेब सीरीज में बदलने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया, “हम कभी अलविदा ना कहना पर वेब सीरीज बना रहे हैं। इस कहानी को हम लंबे फॉर्मेट में ढाल रहे हैं ताकि इसके भावनात्मक और सामाजिक पहलुओं को और गहराई से दिखाया जा सके।”
मिली थी मिली-जुली प्रतिक्रिया
कभी अलविदा ना कहना साल 2006 में रिलीज हुई थी और उस समय यह फिल्म काफी चर्चा में रही थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसकी कहानी को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की राय बंटी हुई थी। यह फिल्म विवाहेतर संबंधों (extramarital affairs) जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित थी, जिसे लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए थे।
विवादों का सामना कर चुके हैं करण
करण जौहर ने इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, “जब फिल्म आई थी, तो कई लोग मुझसे पूछते थे कि क्या मैं ठीक हूं। कुछ लोगों ने कहा कि मैं बेवफाई का महिमामंडन कर रहा हूं।” करण ने इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी गलत चीज को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि समाज में मौजूद वास्तविकताओं को दिखाना था।
‘जो समाज में है, वही दिखाया’
करण ने स्पष्ट किया कि फिल्म की कहानी किसी कल्पना पर आधारित नहीं थी, बल्कि समाज में पहले से मौजूद रिश्तों की जटिलताओं को दर्शाती थी।
उन्होंने कहा, “मैं किसी ऐसी चीज का महिमामंडन कैसे कर सकता हूं, जो पहले से ही समाज में हो रही है?” उनका मानना है कि सिनेमा का काम केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं को सामने लाना भी है।
वेब सीरीज में मिलेगा नया विस्तार
वेब सीरीज के रूप में कभी अलविदा ना कहना को पेश करने का फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि इसकी कहानी को और विस्तार से बताया जा सके। फिल्म के सीमित समय के कारण कई भावनात्मक पहलुओं को गहराई से नहीं दिखाया जा सका था, लेकिन वेब सीरीज के जरिए पात्रों के रिश्तों, उनके संघर्ष और भावनाओं को ज्यादा विस्तार मिलेगा।
कास्टिंग और प्लेटफॉर्म पर सस्पेंस
फिलहाल करण जौहर ने इस वेब सीरीज के प्लेटफॉर्म और कास्टिंग को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं पर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस सीरीज में पुराने कलाकारों को ही लिया जाएगा या फिर नई स्टार कास्ट के साथ इसे पेश किया जाएगा।
वेब सीरीज ट्रेंड में शामिल हुआ एक और बड़ा नाम
आज के दौर में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। कई फिल्मकार अपनी पुरानी फिल्मों को नए फॉर्मेट में पेश कर रहे हैं। इसी ट्रेंड के तहत फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी भी अपनी चर्चित वेब सीरीज मिर्जापुर पर आधारित फिल्म बना रहे हैं। अब करण जौहर का यह कदम इस ट्रेंड को और मजबूत करता नजर आ रहा है।
दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं
कभी अलविदा ना कहना जैसी चर्चित फिल्म को वेब सीरीज में बदलने की खबर ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। खासतौर पर युवा दर्शक यह देखना चाहते हैं कि आधुनिक समय के संदर्भ में इस कहानी को किस तरह पेश किया जाएगा और क्या इसमें नए दृष्टिकोण जोड़े जाएंगे।
नई सोच के साथ पुरानी कहानी
करण जौहर का यह फैसला दर्शाता है कि वह अपनी पुरानी कहानियों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं। कभी अलविदा ना कहना जैसी संवेदनशील और विवादित कहानी को वेब सीरीज के रूप में पेश करना एक बड़ा जोखिम भी है और अवसर भी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रोजेक्ट दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और क्या यह कहानी एक बार फिर चर्चा का केंद्र बनती है।


