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जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फैली गंदगी पर कंगना रनौत भड़की, बोलीं- विरोध के नाम पर नहीं फैलनी चाहिए बदहाली

कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में किसी एक स्थान पर इतनी गंदगी पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो देखकर उन्हें काफी असहज महसूस हुआ।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फैली गंदगी पर कंगना रनौत भड़की, बोलीं- विरोध के नाम पर नहीं फैलनी चाहिए बदहाली
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नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद इलाके में फैली गंदगी को लेकर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में प्रदर्शन स्थल पर बिखरे कचरे, पोस्टर और अव्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। कंगना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की गई स्टोरी में प्रदर्शनकारियों के व्यवहार, भाषा और विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और इस पर समर्थकों तथा आलोचकों के बीच बहस भी शुरू हो गई है।

इंस्टाग्राम स्टोरी में जताई नाराजगी

कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में किसी एक स्थान पर इतनी गंदगी पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो देखकर उन्हें काफी असहज महसूस हुआ। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की कार्यशैली और भाषा पर भी सवाल उठाते हुए लिखा कि विरोध-प्रदर्शन के बाद सार्वजनिक स्थानों को इस तरह गंदा छोड़ देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसी सोच और व्यवहार को बढ़ावा कौन दे रहा है।

संगठन के नाम पर भी किया तंज

कंगना रनौत ने अपने पोस्ट में प्रदर्शन से जुड़े संगठन के नाम का उल्लेख करते हुए उस पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि यदि कोई खुद को ऐसे नाम से जोड़ता है तो उसके व्यवहार में भी वही झलक दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही को दर्शाती हैं।

'डिजिटल डिटॉक्स' की बात भी कही

अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि वायरल तस्वीरों और वीडियो को देखने के बाद वह काफी विचलित महसूस कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि लगातार ऐसी सामग्री देखने के बाद उन्हें अब "डिजिटल डिटॉक्स" और मानसिक रूप से सामान्य होने के लिए कुछ समय की जरूरत महसूस हो रही है। कंगना ने कहा कि सार्वजनिक आंदोलनों का उद्देश्य अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना होना चाहिए, लेकिन इसके बाद सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

संसद में विपक्ष पर भी साधा निशाना

सोशल मीडिया पोस्ट से पहले कंगना रनौत ने संसद परिसर में भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देना चाहता। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस जनादेश के आधार पर सरकार चुनी है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सबसे बड़ा मंच है और वहां व्यवधान पैदा करने से महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित होते हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कंगना रनौत की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वर्ग ने सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई को लेकर उनकी चिंता का समर्थन किया है, जबकि दूसरे पक्ष ने उनके बयान की भाषा और अंदाज पर सवाल उठाए हैं। जंतर-मंतर देश में लंबे समय से विभिन्न संगठनों और समूहों के विरोध-प्रदर्शन का प्रमुख स्थल रहा है। ऐसे आयोजनों के बाद सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर पहले भी बहस होती रही है। कंगना रनौत का यह बयान ऐसे समय आया है जब विरोध-प्रदर्शनों की शैली, सार्वजनिक जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर देश में लगातार चर्चा हो रही है। उनके बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।


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