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‘धड़क’ के बाद अवसाद में चली गई थीं जाह्नवी कपूर, कहा- लगता था लोग मुझसे नफरत करते हैं

जाह्नवी कपूर ने साल 2018 में फिल्म ‘धड़क’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और जाह्नवी के अभिनय को भी सराहा गया। लेकिन अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय उनकी मानसिक स्थिति बिल्कुल अलग थी।

‘धड़क’ के बाद अवसाद में चली गई थीं जाह्नवी कपूर, कहा- लगता था लोग मुझसे नफरत करते हैं
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने अपनी पहली फिल्म ‘धड़क’ से शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इस सफलता के पीछे उनकी निजी जिंदगी में एक मुश्किल दौर भी छिपा था। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जाह्नवी ने खुलासा किया कि डेब्यू फिल्म के बाद वह अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो गई थीं और उस समय वह खुद को बेहद असुरक्षित और अकेला महसूस कर रही थीं।

डेब्यू के बाद आया मानसिक संघर्ष

जाह्नवी कपूर ने साल 2018 में फिल्म ‘धड़क’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और जाह्नवी के अभिनय को भी सराहा गया। लेकिन अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय उनकी मानसिक स्थिति बिल्कुल अलग थी। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे कहते हैं कि ‘धड़क’ में उनका काम बहुत अच्छा था या फिल्म ने अच्छी कमाई की, लेकिन उनके लिए उस फिल्म की यादें उतनी सकारात्मक नहीं हैं। जाह्नवी ने बताया, “धड़क के बाद मैं डिप्रेस्ड हो गई थी। मुझे लगने लगा था कि मेरा करियर खत्म हो गया है। ऐसा महसूस होता था कि लोग मुझसे नफरत करते हैं।”

मां के जाने के बाद बढ़ी असुरक्षा

जाह्नवी ने अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन के बाद के भावनात्मक असर के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में जो आत्मविश्वास और पहचान थी, वह काफी हद तक उनकी मां से जुड़ी हुई थी। जाह्नवी ने कहा, मुझे जिंदगी में सारी वैधता (validation) मेरी मां से मिली। उनके जाने के बाद मैंने सोचा कि अब मुझे यह वैधता दर्शकों से मिलेगी । उन्होंने आगे बताया कि वह दर्शकों की स्वीकृति पर पूरी तरह निर्भर हो गई थीं, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा होना संभव नहीं है कि हर किसी से लगातार सराहना मिले।

नेगेटिव सोच ने बढ़ाई परेशानी

जाह्नवी ने माना कि उस समय वह अपनी सफलता को देखने के बजाय केवल नकारात्मक बातों पर ध्यान दे रही थीं। जाह्नवी ने कहा, “मैं सिर्फ नेगेटिव चीजों पर फोकस कर रही थी। मुझे यह भी महसूस नहीं हुआ कि ‘धड़क’ उस समय नए कलाकारों के साथ सबसे सफल फिल्मों में से एक थी। उनका यह बयान बताता है कि बाहरी सफलता के बावजूद मानसिक दबाव और आत्म-संदेह किस तरह किसी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है।

धीरे-धीरे संभलीं और आगे बढ़ीं

हालांकि, समय के साथ जाह्नवी ने खुद को संभाला और अपने करियर पर दोबारा फोकस किया। ‘धड़क’ के बाद उन्होंने ‘गुंजन सक्सेना’, ‘मिली’, ‘गुड लक जेरी’ जैसी फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से खुद को साबित करने की कोशिश की। आज जाह्नवी इंडस्ट्री की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जो लगातार अलग-अलग तरह के किरदार निभाने की कोशिश कर रही हैं।

आने वाली फिल्में

वर्क फ्रंट की बात करें तो जाह्नवी कपूर आने वाले समय में साउथ सुपरस्टार राम चरण के साथ तेलुगु फिल्म ‘पेड्डी’ में नजर आएंगी। इस प्रोजेक्ट को लेकर फैंस के बीच काफी उत्साह है, क्योंकि यह जाह्नवी के करियर का एक बड़ा पैन-इंडिया कदम माना जा रहा है।

मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत की जरूरत

जाह्नवी कपूर का यह खुलासा एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि फिल्म इंडस्ट्री जैसी चमकदार दुनिया में भी मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर मुद्दा है। सफलता और लोकप्रियता के बावजूद कलाकारों को अंदरूनी संघर्षों से गुजरना पड़ता है। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि शुरुआती असफलता या आलोचना का डर किसी के आत्मविश्वास को कितना प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब व्यक्ति पहले से ही भावनात्मक रूप से कमजोर दौर से गुजर रहा हो।


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