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CJP आंदोलन पर बॉलीवुड दो खेमों में बंटा: शबाना आजमी और प्रकाश राज ने किया समर्थन, कंगना-हेमा मालिनी ने जताई आपत्ति

CJP आंदोलन को लेकर सामने आई इन अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दे अब केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित नहीं रह गए हैं। फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों की सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने इस बहस को और व्यापक बना दिया है।

CJP आंदोलन पर बॉलीवुड दो खेमों में बंटा: शबाना आजमी और प्रकाश राज ने किया समर्थन, कंगना-हेमा मालिनी ने जताई आपत्ति
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नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ फिल्म जगत में भी बहस छेड़ दी है। आंदोलन को लेकर बॉलीवुड दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंटा नजर आया। एक ओर कई कलाकार प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे, जबकि दूसरी ओर कुछ फिल्मी हस्तियों ने सड़क पर हो रहे विरोध को अनुचित बताते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समाधान निकालने की बात कही।

शबाना व प्रकाश राज ने प्रदर्शनकारियों का बढ़ाया हौसला

वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं और CJP के आंदोलन में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ समय बिताया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि सरकार का बातचीत के लिए तैयार होना सकारात्मक संकेत है और अब समाधान की दिशा में सार्थक कदम उठाए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ अभिनेता प्रकाश राज भी आंदोलनकारियों के बीच मौजूद रहे। दोनों कलाकारों ने इसे युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों का आंदोलन बताते हुए शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया।

'मुद्दे से ध्यान न भटकाएं'

जब शबाना आजमी से पूछा गया कि बॉलीवुड के अधिक कलाकार आंदोलन में क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि चर्चा का केंद्र आंदोलन की मूल मांगें होनी चाहिए, न कि यह कि कौन शामिल हुआ और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि अक्सर केवल फिल्मी कलाकारों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि समाज के अन्य प्रभावशाली वर्गों की भागीदारी पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता। उनके अनुसार, इस तरह की बहस से शिक्षा सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।

कंगना रनोट ने आंदोलन के तरीके पर उठाए सवाल

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट ने इस आंदोलन पर अलग राय व्यक्त की। संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नीतिगत फैसलों पर चर्चा के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है। कंगना ने कहा कि जनता ने सरकार को जनादेश दिया है और सरकार से जुड़े निर्णय संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो या सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जाए।

हेमा मालिनी ने संवाद का दिया सुझाव

भाजपा सांसद एवं वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनका समाधान संवाद और संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से निकलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और छात्रों को किसी भी प्रकार के भ्रम से बचाया जाना चाहिए। हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर जताया समर्थन

CJP आंदोलन को फिल्म जगत के कई अन्य कलाकारों का भी समर्थन मिला है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर, अभिनेता प्रकाश राज और स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। वहीं अभिनेत्री सोनी राजदान, जीनत अमान, अभिनेता अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षा सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग का समर्थन किया।

जावेद अख्तर सहित कई ने की संवाद की अपील

प्रख्यात गीतकार जावेद अख्तर ने भी इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखते हुए सरकार से संवाद शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा संगीतकार विशाल ददलानी, अभिनेत्री दीया मिर्जा और फिल्म निर्देशक ओनिर ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलनकारियों के प्रति समर्थन और एकजुटता व्यक्त की।

मनोरंजन जगत में भी छिड़ी नई बहस

CJP आंदोलन को लेकर सामने आई इन अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दे अब केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित नहीं रह गए हैं। फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों की सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने इस बहस को और व्यापक बना दिया है।जहां कुछ कलाकार लोकतांत्रिक विरोध को युवाओं की आवाज मान रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि ऐसे मुद्दों का समाधान संसद और संवाद के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।


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