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छात्र आंदोलन को बॉलीवुड का बढ़ता समर्थन: कमल हासन, नवाजुद्दीन, शाहिद, करीना, वरुण, इमरान और पीयूष मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

अभिनेत्री करीना कपूर खान ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर चुप थीं, लेकिन अब अपनी बात रखना जरूरी समझती हैं। उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठा रहे युवाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

छात्र आंदोलन को बॉलीवुड का बढ़ता समर्थन: कमल हासन, नवाजुद्दीन, शाहिद, करीना, वरुण, इमरान और पीयूष मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
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नई दिल्ली: देश में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी बहस के बीच अब बॉलीवुड और फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी अपनी राय खुलकर सामने रख रही हैं। हाल के दिनों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए करीना कपूर खान, कमल हासन, शाहिद कपूर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों की बात सुने जाने और शांतिपूर्ण संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। इन कलाकारों ने अलग-अलग माध्यमों से साझा किए गए संदेशों में युवाओं के भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया।

करीना कपूर: युवाओं की आवाज सुनना जिम्मेदारी है

अभिनेत्री करीना कपूर खान ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर चुप थीं, लेकिन अब अपनी बात रखना जरूरी समझती हैं। उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठा रहे युवाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। करीना के अनुसार शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों में विश्वास और उम्मीद पैदा करने का आधार है। यदि विद्यार्थियों को लगे कि मेहनत, ईमानदारी और योग्यता का महत्व कम हो गया है, तो उनका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ सकता है। उन्होंने लिखा कि जब पूरी पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर एक साथ सवाल उठा रही हो, तो उनकी बात सुनना किसी पर एहसान नहीं बल्कि समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे भविष्य की तैयारी नहीं कर रहे, बल्कि वही देश का भविष्य हैं।

कमल हासन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई

अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने शिक्षा प्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी व्यवस्था में सीखने की जगह यदि केवल परीक्षा की तैयारी, जिज्ञासा की जगह तनाव और योग्यता की जगह अनियमितताएं हावी हो जाएं, तो उस व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की बात सुनना और उनके सवालों का जवाब देना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए। अपने संदेश में उन्होंने समाज से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने की अपील की।

शाहिद कपूर बोले— छात्रों को सवाल पूछने का अधिकार है

अभिनेता शाहिद कपूर ने कहा कि जब छात्र परीक्षा के दौरान हर प्रश्न का उत्तर देने की जिम्मेदारी निभाते हैं, तो उन्हें भी व्यवस्था से सवाल पूछने का पूरा अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा प्रणाली पर युवाओं का भरोसा कमजोर होगा, तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा। शाहिद ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

नवाजुद्दीन ने मेहनत करने वाले छात्रों की चिंता जताई

अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं और यदि उन्हें लगे कि उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं हुआ, तो यह बेहद निराशाजनक स्थिति होती है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है और उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते निकाला जाना चाहिए ताकि उनका विश्वास बना रहे।

वरुण धवन ने राजनीति से दूर रखने की अपील की

अभिनेता वरुण धवन ने कहा कि छात्रों की चिंताओं पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि किसी भी छात्र का सपना टूटने का असर केवल उस व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। वरुण ने अपील की कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाए और छात्र आंदोलन को राजनीतिक लाभ-हानि से दूर रखा जाए।

इमरान खान ने संवाद और अभिव्यक्ति की आजादी पर दिया जोर

अभिनेता इमरान खान ने छात्रों के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कलाकारों को भी सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके अनुसार, कला और अभिव्यक्ति तभी सार्थक होती है जब उसमें समाज के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाई दे।

पीयूष मिश्रा ने शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की

अभिनेता, लेखक और गायक पीयूष मिश्रा ने वीडियो संदेश के माध्यम से छात्रों और प्रशासन के बीच संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से निकलना चाहिए और ऐसी परिस्थितियों से बचना चाहिए जिनमें किसी भी पक्ष को नुकसान पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते संवाद स्थापित हो जाए, तो तनावपूर्ण हालात बनने से रोका जा सकता है।

शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय बहस तेज

शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में चल रही चर्चा अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गई है। खेल, फिल्म और अन्य क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी इस विषय पर अपनी राय रख रही हैं। इन कलाकारों के संदेशों में एक समान बात उभरकर सामने आती है—शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कायम रहना चाहिए, मेहनत और योग्यता को सम्मान मिलना चाहिए तथा युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। ऐसे में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवाद पर आधारित व्यवस्था न केवल छात्रों का विश्वास मजबूत करेगी, बल्कि देश के भविष्य को भी नई दिशा देगी।


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