दक्षिण भारतीय फिल्मों पर बॉबी देओल बाबी, वो हिंदी के कलाकारों को खलनायक भूमिकाओं में चाहते हैं
हाल ही में एक बातचीत के दौरान बॉबी देओल ने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें लगातार खलनायक के किरदारों के प्रस्ताव मिल रहे हैं। उनके अनुसार, वहां के निर्माता और दर्शक हिंदी फिल्मों के कई कलाकारों को विलेन के रूप में देखना पसंद करते हैं।

मुंबई: पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण भारतीय सिनेमा में बॉलीवुड कलाकारों की मौजूदगी लगातार बढ़ी है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि हिंदी फिल्मों में नायक की छवि रखने वाले कई अभिनेता साउथ फिल्मों में मुख्य रूप से खलनायक की भूमिका निभाते नजर आए हैं। इमरान हाशमी, सैफ अली खान, संजय दत्त और बॉबी देओल जैसे कलाकार इसकी प्रमुख मिसाल हैं। अब बॉबी देओल ने इस ट्रेंड पर खुलकर अपनी राय रखी है और बताया कि आखिर दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माता उन्हें बार-बार नकारात्मक किरदारों के लिए क्यों चुनते हैं।
'वह मुझे विलेन के रूप में ही देखना चाहते हैं'
हाल ही में एक बातचीत के दौरान बॉबी देओल ने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें लगातार खलनायक के किरदारों के प्रस्ताव मिल रहे हैं। उनके अनुसार, वहां के निर्माता और दर्शक हिंदी फिल्मों के कई कलाकारों को विलेन के रूप में देखना पसंद करते हैं। बॉबी ने कहा, "वह ऐसा करेंगे ही, क्योंकि वे मुझे उसी रूप में देखना चाहते हैं। मुझे वहां से कई और फिल्मों के प्रस्ताव भी मिले, लेकिन वे सभी खलनायक की भूमिकाएं थीं।" उन्होंने स्वीकार किया कि नकारात्मक किरदार निभाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हर प्रस्ताव स्वीकार करना उनके लिए संभव नहीं होता।
हर ऑफर स्वीकार नहीं करते अभिनेता
बॉबी देओल ने स्पष्ट किया कि वह केवल वही भूमिकाएं चुनते हैं जो अभिनय के लिहाज से चुनौतीपूर्ण और संतोषजनक हों। उन्होंने बताया कि कई फिल्मों के प्रस्ताव इसलिए ठुकरा दिए क्योंकि कहानी और किरदार का विकास उन्हें प्रभावित नहीं कर पाया। उन्होंने कहा, "कुछ फिल्मों का ग्राफ ऐसा था कि उनमें काम करके मुझे मजा नहीं आता। कुछ चीजें ऐसी थीं जिन्हें बतौर अभिनेता मैं कैमरे के सामने करना नहीं चाहता था। इसलिए मैंने वे फिल्में नहीं कीं।" उनका कहना है कि आज भी उनके पास बड़ी संख्या में विलेन के रोल आते हैं, लेकिन वह केवल वही प्रोजेक्ट स्वीकार करते हैं जिनमें अभिनय के लिए पर्याप्त गुंजाइश हो।
साउथ फिल्मों में मजबूत रही मौजूदगी
बॉबी देओल ने हाल के वर्षों में दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने फिल्म 'कंगुआ', 'डाकू महाराज' और हाल ही में रिलीज हुई 'जन नेता' में खलनायक की भूमिका निभाई है। इन फिल्मों में उनके दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और प्रभावशाली अभिनय को दर्शकों ने सराहा। खासतौर पर फिल्म 'एनिमल' में निभाए गए उनके किरदार ने उन्हें देशभर में नई लोकप्रियता दिलाई, जिसके बाद उन्हें लगातार बड़े बजट की फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे।
नई फिल्म को लेकर उत्साहित
बॉबी देओल ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने हाल ही में एक नई फिल्म की शूटिंग पूरी की है, हालांकि फिलहाल वह उसके बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "मैंने हाल ही में एक फिल्म की है जिसके बारे में अभी बात नहीं कर सकता। लेकिन उसमें काम करने का अनुभव शानदार रहा। यह बेहद भावनात्मक और खूबसूरत फिल्म है। मैं उसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" हालांकि उन्होंने फिल्म का नाम या अन्य कलाकारों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
सितंबर से शुरू होगी 'आश्रम' के नए सीजन की शूटिंग
बॉबी देओल ने अपनी लोकप्रिय वेब सीरीज 'आश्रम' को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि सितंबर से इसके अगले सीजन की शूटिंग शुरू होने जा रही है। प्रकाश झा के निर्देशन में बनी इस सीरीज में बॉबी देओल ने बाबा निराला का किरदार निभाया है। यह भूमिका उनके करियर के सबसे चर्चित और सफल किरदारों में से एक मानी जाती है। दर्शकों ने इस नकारात्मक लेकिन प्रभावशाली चरित्र को काफी पसंद किया, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी लोकप्रियता में भी बड़ा इजाफा हुआ।
विलेन की नई पहचान, लेकिन संतुलन जरूरी
बॉबी देओल का मानना है कि एक अभिनेता के रूप में खुद को अलग-अलग किरदारों में ढालना जरूरी है, लेकिन किसी एक तरह की भूमिका में सीमित हो जाना सही नहीं है। यही वजह है कि वह हर खलनायक का किरदार स्वीकार नहीं करते और ऐसी स्क्रिप्ट का इंतजार करते हैं जो अभिनय के स्तर पर उन्हें कुछ नया करने का अवसर दे। फिलहाल बॉबी देओल के पास बॉलीवुड, दक्षिण भारतीय सिनेमा और ओटीटी—तीनों माध्यमों से लगातार प्रस्ताव आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उनके कई नए प्रोजेक्ट दर्शकों के सामने आने की उम्मीद है, जिनमें वह एक बार फिर अपने अभिनय के नए रंग दिखाते नजर आ सकते हैं।


