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एक्सीडेंट के बाद अस्पताल से सीधे सेट पर पहुंची थीं अनु अग्रवाल, चोटिल पैर के साथ पूरी की शूटिंग

'आशिकी' फेम अभिनेत्री अनु अग्रवाल हमेशा से मानती हैं कि उनके साथ हुआ हादसा कोई जख्म नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। इसी कड़ी में अभिनेत्री अक्सर अपनी जिंदगी के ब्लैक चैप्टर से कुछ न कुछ सकारात्मक संदेश प्रशंसकों से साझा करती रहती हैं

एक्सीडेंट के बाद अस्पताल से सीधे सेट पर पहुंची थीं अनु अग्रवाल, चोटिल पैर के साथ पूरी की शूटिंग
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मुंबई। 'आशिकी' फेम अभिनेत्री अनु अग्रवाल हमेशा से मानती हैं कि उनके साथ हुआ हादसा कोई जख्म नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। इसी कड़ी में अभिनेत्री अक्सर अपनी जिंदगी के ब्लैक चैप्टर से कुछ न कुछ सकारात्मक संदेश प्रशंसकों से साझा करती रहती हैं।

इसी कड़ी में अनु ने अपनी एक पुरानी फिल्म के सेट से ली गई तस्वीरों को इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अपने भीषण कार हादसे के बाद की एक घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें गलत नस में इंजेक्शन लग गया, जिससे वे फिर से बेहोश हो गईं। उस एक्सीडेंट के बाद अस्पताल से निकलते ही वह फिल्म के सेट पर वापस पहुंच गई थीं।

अनु अग्रवाल ने लिखा, “लेकिन, मैं मरी नहीं। मैं अस्पताल में थी। और वहां एक गलत इंजेक्शन मेरी नस में लग गया। मैं चीखी और फिर से बेहोश हो गई। अगले दिन मैं सेट पर वापस पहुंच गई। मेरा पैर घायल था और उस पर पट्टी बंधी हुई थी।”

उन्होंने बताया, "फिल्म के कॉस्ट्यूम में पैर वाली तरफ एक स्लिट था, जिसे ड्रेस डिजाइनर ने उल्टा कर दिया और सिल दिया। इसके बाद मैं घायल पैर के साथ शूटिंग में शामिल हो सकी। उस सीन में सैकड़ों डांसर थे और महल का भव्य सेट तैयार किया गया था। कई दिनों की मेहनत का प्रोडक्शन था।"

अनु ने लिखा कि उन्हें पता था कि प्रोड्यूसर का पैसा, पूरे क्रू का समय और बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ था। उन्होंने कहा, “मैं अपनी वजह से किसी का नुकसान नहीं होने दे सकती थी, इसलिए मैं दर्द सहते हुए भी शूटिंग पूरी करने के लिए सेट पर डटी रही।"

साल 1999 में हुए भीषण कार एक्सीडेंट के बाद अभिनेत्री अनु अग्रवाल की जिंदगी भी हमेशा के लिए बदल गई। हालांकि, 'आशिकी गर्ल' इसे जख्म नहीं, जिंदगी की नई शुरुआत मानती हैं।

'आशिकी' से रातों-रात स्टार बनी अनु उस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। डॉक्टरों ने भी उनकी रिकवरी के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन अनु ने हार नहीं मानी। उन्होंने योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिकता को अपनाया। वह मानती हैं कि योग ने उन्हें न सिर्फ शारीरिक रूप से ठीक किया, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती भी दी।

इस हादसे को लेकर वह सोशल मीडिया पर अक्सर सकारात्मक पोस्ट करती हैं। पूरी तरह से ठीक होने के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली और योगा टीचर बनने का फैसला लिया। अनु अग्रवाल ने खुद की आत्मकथा 'अनयूजवल: मेमॉर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड' भी लिखी है।


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