कमजोरों के लिए खतरनाक रसूखदार लोग
इन नए खुलासों में ऐसे घिनौने और भयानक अपराध सामने आए हैं, जिन्हें देखकर साधारण इंसान की रूह कांप जाए।

अमेरिका के कुख्यात नाबालिग लड़कियों के यौन तस्कर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी लाखों फाइलें अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी की हैं। शुक्रवार को 30 लाख पेज, एक लाख 80 हज़ार तस्वीरें और दो हज़ार वीडियो सार्वजनिक रूप से पोस्ट किए गए। इन नए खुलासों में ऐसे घिनौने और भयानक अपराध सामने आए हैं, जिन्हें देखकर साधारण इंसान की रूह कांप जाए। ज्यादा डरावनी बात ये है कि एपस्टीन के साथ दुनिया भर के ऐसे नामी-गिरामी और रसूखदार लोगों के नाम जुड़े हैं, जो खुद को लोकतंत्र, उदारवाद, मानवाधिकारों के पैरोकार के तौर पर प्रस्तुत करते हैं। मगर हकीकत में वे कमजोर लड़कियों और बच्चों पर पैशाचिक अत्याचार करते हैं। सोशल मीडिया पर 2009 का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गैब्रिएला रिको जिमेनेज़ नाम की मैक्सिकन मॉडल मैक्सिको के मॉन्टेरी में फिएस्टा के बाहर खड़ी होकर चिल्ला-चिल्लाकर बता रही है कि वह जैफ्री एपस्टिन से जुड़े एक मॉडलिंग आयोजन में गई थी जहां दुनियाभर के नेता और बिजनेसमैन पार्टी कर रहे थे और वो लोग 'बच्चों के मांस' खा रहे थे। संभवत: यह पहली बार था जब किसी ने एपिस्टन या उसके निजी द्वीपों पर हो रहे बच्चियों के बलात्कार और हत्या के आरोप लगाए थे। लेकिन पुलिस ने इस लड़की को 'मनोरोग' का शिकार बताकर गिरफ्तार कर लिया गया और फिर यह लड़की कभी नहीं दिखी। अब उस घटना के 17 साल बाद एपिस्टीन फाइलें जारी हुई तो पता चला यह लड़की जो कुछ बोल रही थी, वो पागलपन नहीं था। बल्कि उसमें काफी हद तक हकीकत भी थी। क्योंकि अब एपस्टीन और उनके तथाकथित बड़े ग्राहकों का शिकार कुछ लड़कियों ने सामने आकर हकीकत बयां की हैं। किसी ने बताया कि 10 साल की अबोध उम्र में उनके साथ दिन में तीन-तीन बार बलात्कार हुआ, तो किसी ने बताया कि कैसे पार्टियों के बहाने अमीर लोगों के सामने उन्हें पेश किया गया। बिल गेट्स की पत्नी रही मेलिंडा गेट्स ने भी एक साक्षात्कार में बताया है कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आता था कि बिल गेट्स एपस्टीन से मिलते थे। खुद मेलिंगा गेट्स केवल एक बार एपस्टीन से मिलीं और उन्हें काफी अफसोस हुआ कि उन्होंने यह मुलाकात की। मेलिंडा गेट्स ने एपस्टीन को 'घृणितÓ और 'बुराई का साक्षात रूपÓ बताया और कहा कि उस मुलाकात के बाद उन्हें बुरे सपने आते थे।
बिल गेट्स से उनके तलाक के कारणों में एक वजह एपस्टीन से बिल गेट्स के संबंध भी थे। न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टिन फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ज़िक्र भी सैकड़ों बार किया गया है। ट्रंप की एपस्टीन से दोस्ती थी। लेकिन ट्रंप कहते हैं कि यह कई साल पहले खराब हो गई थी और उन्होंने एपस्टीन के यौन अपराधों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के भी कई पुराने वीडियो आए हैं, जो नैतिकता के मापदंड पर खरे नहीं उतरते हैं। अब भले ही एपस्टिन से उनकी दोस्ती बरसों पहले खराब हो चुकी हो, लेकिन बेहतर यही होता कि ट्रंप अपने पद से इस्तीफा देकर खुद को निर्दोष साबित करने के लिए निष्पक्ष जांच का मौका दें। ध्यान रहे कि 10 अगस्त 2019 को एपस्टिन की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और इसमें हत्या की साजिश देखी जा रही है। क्योंकि एपस्टिन अगर दोषी पाया जाता तो उससे जुड़े कई बड़े नामों पर भी आंच आ सकती थी। अभी के खुलासे के बाद भी कुछ बड़ी हस्तियों ने या तो माफी मांगी है या अपने पद से इस्तीफा दिया है। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट ने एपस्टीन के साथ अपनी 'शर्मनाक' दोस्ती के लिए माफी मांगी है। नॉर्वे की प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने भी कहा है कि क्राउन प्रिंसेस ने गलत जजमेंट किया था। वहीं किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू का नाम भी आया तो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उन्हें अमेरिकी न्याय विभाग में गवाही देने आना चाहिए। स्लोवाकिया सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने एप्सटीन से अपने संबंधों के सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया है। पीटर मैंडेलसन को पिछले साल एपस्टीन के साथ संबंधों के कारण वाशिंगटन में ब्रिटिश राजदूत के पद से हटा दिया गया था। अब उन्होंने रविवार को लेबर पार्टी छोड़ दी। अमेरिकी न्याय विभाग की फाइलों में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम भी आया है। जिसमें बताया गया है कि जेफ्री एपस्टीन ने 9 जुलाई 2017 को एक मेल में लिखा...'भारतीय पीएम मोदी ने सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति के फ़ायदे के लिए इजराइल में डांस किया और गाया। वो कुछ हफ्ते पहले मिले थे। ये काम कर गया।' इसी पर अब कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं कि- 'याद रहे- पीएम मोदी 4 से 6 जुलाई 2017 के बीच इजराइल दौरे पर थे। इसके तीन दिन बाद एपस्टीन ने यह मेल लिखा है। इजराइल दौरे से ठीक पहले 25-26 जून 2017 को मोदी, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले थे। जेफ्री एपस्टीन के मेल की कड़ियों को जोड़ें तो समझ आता है कि मोदी, जून 2017 में अमेरिका गए और वहां एपस्टीन से सलाह ली। इसके एक हफ्ते बाद (4 से 6 जुलाई 2017) मोदी इजराइल पहुंचे और सलाह के मुताबिक- वहां नाचे और गाए और काम हो गया। अब साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी का जेफ्री एपस्टीन से बहुत ही गहरा और पुराना नाता है, जो भारत के लिए शर्मनाक है। यह मामला राष्ट्रीय गरिमा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का है, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना चाहिए। 'कांग्रेस ने तीन सवाल करते हुए लिखा, 'नरेंद्र मोदी, जेफ्री एपस्टीन से कैसी सलाह ले रहे थे? मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के किस फायदे के लिए इजराइल में नाच और गा रहे थे? एपस्टीन ने लिखा है- 'इट वर्क्ड'... तो इसका क्या मतलब है? 'हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नरेंद्र मोदी और जेफ्री एपस्टीन की मुलाक़ात के दावों को ख़ारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इजराइल की आधिकारिक यात्रा के अलावा, 'ईमेल में बाक़ी बातें एक दोषी अपराधी की बेकार की बकवास से ज़्यादा कुछ नहीं हैं।'
विदेश मंत्रालय जिन आरोपों को बकवास बता रहा है, क्या उसके लिए उसने अमेरिकी न्याय विभाग के सामने अपनी आपत्ति उठाई है। क्योंकि कांग्रेस के आरोप अमेरिकी सरकार द्वारा जारी फाइलों के आधार पर ही लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के लिए अगर किसी शातिर अपराधी ने कोई बकवास की है, तो उसका माकूल जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा। वैसे बेहतर तो यही रहता कि नरेन्द्र मोदी खुद इस्तीफा देकर इस मामले की निष्पक्ष जांच का रास्ता तैयार करते और निर्दोष साबित होकर शान से अपने पद पर वापिस आते। लेकिन अभी उनकी चुप्पी सौ सवाल उठा रही है।


