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अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के चलते प्रस्तूता की सड़क पर ही मौत

उत्तर प्रदेश में बदायूं के जिला महिला अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रसव के लिए आई महिला की सड़क पर ही मृत्यु हो गई

अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के चलते प्रस्तूता की सड़क पर ही मौत
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बदायूं। उत्तर प्रदेश में बदायूं के जिला महिला अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रसव के लिए आई महिला की सड़क पर ही मृत्यु हो गई। सीएमओर ने दिए जांच के आदेश।

सूत्रों के अनुसार हजतरतपुर इलाके के हैदलपुर की रहने वाली गीता को परिजन और आशा कार्यकत्री संगीता कुमारी के साथ डिलीवरी के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में तैनात स्टाफ ने महिला को देखना मुनासिब नहीं समझा और सबसे पहले कोरोना की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया चूंकि महिला को पहले से ब्लीडिंग हो रही थी । महिला अस्पताल से महज 20 कदम की दूरी पर अम्बेडकर पार्क के पास सड़क पर गिर गई और उसकी मृत्यु हो गई।

महिला के परिजनों का आरोप है एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक जाने के लिए किसी प्रकार का वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया जबकि उसकी हालत गंभीर थी। नतीजा यह हुआ कि महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की अकाल मौत हो गई। सड़क पर प्रस्तूता ही मौत के बाद आसपास के लोगो ने मानवता दिखाते हुए उसपर कपड़ा डाल दिया। करीब आधा घंटे तक सड़क पर पड़ी रहने के बाद प्रसूता को लेकर एम्बुलेंस महिला अस्पताल पहुंची लेकिन वहां दोनो को मृत घोषित कर दिया।

इस पूरे मामले पर बदायूं के सीएमओ यशपाल सिंह ने बताया कि यह महिला 18 जून को हैदराबाद से हजरतपुर आयी थी और आज इसे सीएचसी से जिला अस्पताल रैफर किया गया था। महिला को तेज ब्लीडिंग थी और उसका शरीर पीला पड़ गया था । शरीर पर सूजन भी थी और वह सांस भी नहीं ले पा रही थी। इसकी कोई जांच भी नहीं हुई थी । महिला को कोविड टेस्ट के लिए भेजा गया था और वहां उसकी मृत्यु हो गई है। उसको गंभीर हालत में भी वाहन न/न उपलब्ध कराए जाने पर उन्होंने कहा कि मामले में जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


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